Self limiting beliefs कैसे तोड़े- जानिये 5 स्टेप्स।

नमस्ते दोस्तों ! हम सभी अपने जीवन में सफलता, पैसा बड़ा घर, शानदार करियर और खुशहाल जीवन पाना चाहते हैं। लेकिन आपने देखा होगा कि जहाँ कुछ लोग यह सब आसानी से हासिल कर लेते हैं, वहीं कुछ लोग कड़ी मेहनत करने के बावजूद भी इन सपनों तक नहीं पहुँच पाते। ऐसा क्यों होता है ? आखिर वह कौन-सी चीज है जो हमें हमारी मंजिल तक पहुँचने से रोकती है ?

इसका उत्तर है- Self Limiting Beliefs (स्वयं द्वारा बनाई गई सीमाएं) ये वहीं गहरी धारणाएँ हैं, जो हमें बचपन से हमारे अनुभवों, समाज, परिवार और पुराने ट्रॉमाज़ से मिली होती है। यह हमें यह विश्वास दिलाती है कि “हमसे नहीं होगा, हम इसके काबिल नहीं है, हमारे लिए यह संभव नहीं है।” और यही विचार हमारे रास्ते में सबसे बड़ी रुकावट बन जाते हैं।

आज हम इसी विषय पर बात करेंगे कि Self Limiting Beliefs क्या होते हैं, यह हमारे जीवन को कैसे प्रभावित करते हैं, और इन्हें तोड़कर हम अपनी सच्ची क्षमता तक कैसे पहुँच सकते है।

Self Limiting Beliefs

Beliefs meaning in hindi with example

Beliefs का अर्थ है मान्यताएँ या विश्वास, जो हमारे दिमाग में इस तरह मौजूद होते हैं कि यह किसी भी कार्य का निर्णय लेने में हमें गाइड की तरह मदद करते हैं। यह मुख्यतः दो प्रकार के होते हैं:

• Limiting beliefs (सीमित करने वाले विश्वास)

• Empowering beliefs (शक्ति देने वाले विश्वास)

1. Limiting beliefs (सीमित करने वाले विश्वास)

यह वे मान्यताएँ हैं जो हमें शुरुआत करने से पहले ही रोक देती है। ऐसे विचार हमेशा “नहीं” पर खत्म होते हैं जैसे-

“मैं यह नहीं कर सकता”, “मेरे पास संसाधन नहीं है, इसलिए मैं सफल नहीं हो सकता।”

“दूसरे कर सकते हैं, लेकिन मैं नहीं।”

इन beliefs की वजह से इंसान अपने पास मौजूद अवसरों का भी इस्तेमाल नहीं कर पाता और एक जगह ठहर जाता है।

2. Empowering beliefs(शक्ति देने वाले विश्वास)

इसके विपरीत, Empowering beliefs हमें आगे बढ़ने की ताकत देते हैं। ये हमें यह विश्वास दिलाते हैं कि-

“मैं कर सकता हूँ, मेरे लिए सब कुछ संभव है।”

“अगर दूसरों ने किया है, तो मैं भी कर सकता हूँ।”

उदाहरण के लिए, अगर कोई व्यक्ति कहता है- “मैं करोड़ो रुपए कमाना चाहता हूँ” और भले ही उसके पास अभी संसाधन न हो, लेकिन फिर भी वह सोचता है- “मैं कर सकता हूँ और इस लक्ष्य तक पहुँचने के रास्ते ढूंढना शुरू करता है।”

यही Empowering belief है। ऐसे लोग शिकायत में समय गँवाने की बजाय समाधान खोजते हैं और अपने सपनों को सच करके दिखाते हैं।

Self Limiting Beliefs- आत्म-सीमित विश्वास

Self Limiting Beliefs ऐसे अदृश्य(invisible)  विचार या मान्यताएँ हैं, जो हमें हमारी वास्तविक क्षमता तक पहुँचने से रोकती है। यह हमारे भीतर एक नकारात्मक आवाज की तरह काम करती है और अक्सर “नहीं” वाले वाक्यो में दिखाई देती है। जैसे- “मैं नहीं कर सकता, मुझसे नहीं होगा, मैं इसके लायक नहीं हूँ।”

ये मान्यताएँ हमारे बचपन के अनुभवों, समाज से मिली धारणाओं और पुराने ट्रॉमाज़ से बनती है। धीरे-धीरे यह हमारे दिमाग में गहराई से बैठ जाती है और हमें हर बार रोकती है जब हम कोई नया कदम उठाना चाहते हैं। 

उदाहरण के लिए, अगर कोई व्यक्ति डांस सीखना चाहता है लेकिन उसके मन में पहले से ही यह विश्वास हो कि “मुझे डांस नहीं आता या मैं कभी डांस नहीं कर पाऊंगा”, तो वह कोशिश ही नहीं करेगा।

इसी तरह पैसों को लेकर हम सोचते हैं, “मैं अमीर नहीं हो सकता।”

प्यार को लेकर मानते हैं, “कोई मुझसे सच्चा प्यार नहीं करेगा।”

आत्मविश्वास में कहते हैं, “मैं लोगों के सामने नहीं बोल सकता।”

दरअसल यह सब सिर्फ मान्यताएँ (beliefs) हैं, कोई सच्चाई नहीं। लेकिन जब तक हम इन्हें सच मानते रहते हैं, यह हमारे जीवन में सबसे बड़ी बाधा बन जाती है और हमें सफलता, खुशियों और सपनों से दूर रखती है।

आत्म-सीमित विश्वास को कैसे रोकें?

1. अपने आत्म-सीमित विश्वास  (Limiting Beliefs) की पहचान करें-

सबसे पहले, यह जानना जरूरी है कि आपके अंदर कौन-कौन से  Limiting Beliefs मौजूद है। यह वही नकारात्मक विचार है जो आपको आगे बढ़ने, नए अवसर अपनाने और अपने सपनों को हासिल करने से रोकते हैं।

सोचे कि पैसे, प्यार, रिश्तों, कैरियर या आपके लक्ष्यो के बारे में आपके मन में कौन-कौन से विचार बार-बार आते हैं। उदाहरण के लिए, “मैं अमीर नहीं हो सकता, मुझे प्यार नहीं मिलेगा, मैं अपने गोल तक नहीं पहुँच पाऊंगा।”

Self Limiting Beliefs

2. अपने limiting beliefs को लिखें-

अब जो भी Limiting Beliefs आपको रोक रहे हैं उन्हें कागज पर नोट करें। अपने लक्ष्यों को ध्यान में रखकर सोचे कि कौन-कौन सी मान्यताएँ आपको पीछे खींच रही है।

जितना संभव हो, हर नकारात्मक विचार को स्पष्ट रूप से लिखें ताकि आप उन्हें पहचान सकें।

3. Negative beliefs को positive beliefs मैं बदलें-

Limiting beliefs को पहचानने के बाद अगला महत्वपूर्ण कदम है कि उन नकारात्मक विचारों को सकारात्मक में बदलना।

उदाहरण के लिए, अगर आप सोचते हैं:

“मैं बहुत सारा पैसा नहीं कमा सकता।”

इसे बदलकर कहें:

“मैं बहुत सारा पैसा कमा सकता हूँ। ”

अन्य उदाहरण:

“मुझे प्यार नहीं मिलेगा” के बजाय कहे “मैं प्यार के योग्य हूँ और सही रिश्ते मेरे जीवन में आएंगे।”

“मैं अपने लक्ष्य तक नहीं पहुँच सकता” के बजाय कहे- “मैं अपने सभी लक्ष्यों को हासिल कर सकता हूँ और मेहनत करके सफलता पा सकता हूँ।”

Self limiting beliefs

4. Positive beliefs को visualize करें और daily affirmations करें-

अब अपने positive beliefs को विजुलाइज करें और साथ ही डेली एफर्मेशंस के रूप में दोहराएँ।

हर दिन अपने लक्ष्यों और सफलता की कल्पना करें। सोचे कि आप किस तरह अपने लक्ष्य की तरफ बढ़ रहे हैं और आपने कितने सारे गोल हासिल कर लिए हैं।

अपने दिमाग में इन सफलताओं का चित्र बनाइए और उन्हें असली अनुभव की तरह महसूस करें।

खुद से कहें और महसूस करें:

“मैं सफलता प्राप्त कर चुका हूँ।”, “मैं बहुत खुश हूँ और मेरा परिवार भी खुश है।”

“मेरे प्रयासों का परिणाम शानदार रहा और मैं अपने सपनों को जी रहा हूँ। ”

इसके साथ डेली एफर्मेशंस भी करें:

“मैं अपने लक्ष्य को हासिल कर सकता हूँ। ”

“मैं धन, प्यार और सफलता के योग्य हूँ।”

“हर दिन में अपने सपनों के और करीब पहुँच रहा हूँ।”

जितना अधिक आप अपनी सफलता को महसूस करेंगे और सकारात्मक एफर्मेशंस दोहराएंगे, उतना जल्दी आपके लिमिटिंग बिलीफ टूटेंगे और आपका आत्मविश्वास और प्रगति बढ़ेगी।

5. अपने Goals की दिशा में action लें-

अपने Goals की दिशा में सक्रिय रूप से एक्शन लेना बहुत जरूरी है।

जब आप सही दिशा में कदम उठाते हैं, तो आपको महसूस होता है कि आप अपने लक्ष्य के करीब जा रहे हैं। एक्शन लेने से आप केवल सोचते ही नहीं रह जाते, बल्कि अपने सपनों को पाने के लिए मेहनत भी कर रहे होते हैं।

यह न सिर्फ आपके परिणामों को प्रभावित करता है, बल्कि आपके माइंडसेट पर भी सकारात्मक असर डालता है।

लगातार एक्शन लेने से आप खुद को एक positive और मोटिवेटेड इंसान के रूप में महसूस करने लगते हैं।

Action के छोटे-छोटे स्टेप्स ले और रोजाना प्रगति को नोट करें। इससे आपका आत्मविश्वास बढ़ेगा और Limiting Beliefs धीरे-धीरे टूटते चले जाएंगे।

सीमित विश्वासों को कैसे पहचाने?

अपने beliefs को पहचानने का सबसे आसान तरीका है अपने अंदर के एहसासो और भावनाओं पर ध्यान देना।

• Limiting beliefs पहचानना

यदि किसी विषय के बारे में सोचते या बात करते समय आप असहज, डर या अनकॉन्फिडेंट महसूस करते हैं।

आपको लगता है कि यह आपके लिए मुश्किल है या असंभव है तो यह आपका सीमित विश्वास(Limiting Belief) है।

• Empowering belief पहचानना

यदि किसी विषय के बारे में सोचते हैं बात करते समय आप प्रेरित, उत्साहित और आत्मविश्वासी महसूस करते हैं। आपको लगता है कि आप इसे हासिल कर सकते हो और इसके लिए तैयार है। तो यह आपका एंपावरिंग बिलीफ है।

अपनी भावनाओं और अंदर के अनुभवों पर ध्यान दें। जो विचार आपको सकारात्मक, आत्मविश्वासी और प्रेरित महसूस कराता है, वही एंपावरिंग बिलीफ हैं। और जो डर, चिंता या असहजता पैदा करता है, वही लिमिटिंग बिलीफ है।

Self limiting beliefs

Top 10 self limiting beliefs

  1. मैं पर्याप्त अच्छा नहीं हूँ– यह सोच आपको आत्म-संदेह में रखती है और अपनी क्षमता को पहचानने से रोकती है।
  2. मैं सफलता के योग्य नहीं हूँ- यह विश्वास आपको अपने सपनों को साकार करने से पहले ही पीछे खींच लेता है।
  3. मैं हमेशा असफल होता हूँ, तो दोबारा कोशिश क्यों करूं ?- यह सोच आपके अंदर की मेहनत और संभावनाओं को मार देती है।
  4. अब मैं कुछ नया शुरू करने के लिए बहुत बुढ़ा हूँ-असल में, नई शुरुआत करने की कोई उम्र नहीं होती।
  5. मेरे पास समय नहीं है- यह केवल एक बहाना है जो आपको अपनी प्राथमिकताएँ तय करने से रोकता है।
  6. लोग मेरे बारे में क्या सोचेंगे- यह डर आपकी असली पहचान और आत्मविश्वास को छिपा देता है।
  7. पैसा कमाना बहुत कठिन है- यह सोच आपकी समृद्धि की ऊर्जा को ब्लॉक करती है।
  8. मैं समझदार या प्रतिभाशाली नहीं हूँ- हर इंसान में अपनी अनोखी क्षमता होती है- बस विश्वास की जरूरत है।
  9. मैं अपनी जिंदगी नहीं बदल सकता- यह सोच आपको वही रोके रखती है जहाँ आप है, जबकि शक्ति आपके भीतर ही हैं।
  10. मेरे साथ अच्छी चीज़े कभी नहीं होती- यह विश्वास आपकी ऊर्जा को नकारात्मक बना देता है और अवसरों को दूर कर देता है।

निष्कर्ष-

हमारी सफलता में सबसे बड़ा योगदान हमारे Belief system का होता है। यदि हम अपने Self Limiting( आत्म-सीमित विश्वास) को पहचान कर तोड़ दे और उन्हें Empowering beliefs में बदल दे, तो हम अपने लक्ष्यों के और सफलता के और करीब पहुँच सकते हैं।

इसलिए, अपने Self Limiting Beliefs(आत्म -सीमित विश्वास) पर काम करना बहुत जरूरी है। जितनी जल्दी हम अपने नकारात्मक विचारों को सकारात्मक और प्रेरक मान्यताओं में बदलेंगे, उतना जल्दी हमारी सफलता का रास्ता साफ होगा।

FAQ:

प्रश्न 1. आत्म-सीमित विश्वास कहां से आते हैं?

उत्तर. यह हमारे बचपन के अनुभव, समाज द्वारा दी गई धारणाएँ, हमारे पुराने अनुभव और नकारात्मकत वातावरण से कारण आते हैं।

प्रश्न 2. आत्मविश्वास कब बढ़ता है?

उत्तर. आत्मविश्वास कई तरह से बढ़ता है जैसे -कि यदि हम छोटी-छोटी चीजों में भी सफल हो जाते हैं, तो हमारा आत्मविश्वास बढ़ता है, यदि हम किसी चुनौती को पार कर लेते हैं, तो हमारा आत्मविश्वास बढ़ता है, असफल होने के बाद भी अगर हम सफल हो जाते हैं तो हमारा आत्मविश्वास बढ़ता है।

प्रश्न 3. 5 सीमित विश्वास क्या है?

उत्तर. 1. मैं कुछ नहीं कर सकता।

2. मेरा कुछ भी नहीं हो सकता है।

3.मेरी किस्मत ही खराब है।

4.मेरे साथ कुछ भी अच्छा नहीं होता है।

5. मेरे जीवन में दुःख ही दुःख है।

प्रश्न 4. एक सशक्त विश्वास क्या है?

उत्तर. एक सशक्त विश्वास वह है, जो आपको आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित करता है और आपको विश्वास दिलाता है कि आप अपने जीवन में सब कुछ कर सकते हैं। उदाहरण के लिए, “अगर मैं किसी भी काम को करने का प्रयास करूंगा, तो मैं अवश्य सफल हो जाऊंगा।”

हमें विश्वास है कि, इस आर्टिकल के माध्यम से आपको self-limiting beliefs के बारे में समझ आया होगा, धन्यवाद।

 

 

 

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