Overthinking se kaise bache : 5 तरीके तनाव मुक्त होने के लिए

नमस्ते दोस्तों ! आज हम एक ऐसे विषय पर बात करने जा रहे हैं जिससे बचना सभी के लिए बहुत जरूरी है। यदि इससे न बचा जाए तो यह हमारे मानसिक स्वास्थ्य पर गहरा प्रभाव डालती है – OverthinkingOverthinking आज कल की भाग दौड़ भरी जिंदगी में एक बड़ी समस्या बन गई है, जो हर आयु के व्यक्ति को प्रभावित कर रही है। यह हमारे दिमाग को नकारात्मक विचारों से भर देती है और हमारे जीवन को प्रभावित कर सकती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि ओवरथिंकिंग का मतलब क्या होता है और इससे कैसे बचा जा सकता है। आइए जानते हैं Overthinking se kaise bache।

Overthinking se kaise bache

तो चलिए जानते हैं Overthinking क्या है फिर हम जानेंगे Overthinking se kaise bache।

ओवरथिंकिंग का मतलब क्या होता है

Overthinking एक ऐसी स्थिति है जब हम किसी समस्या या स्थिति के बारे में जरूरत से ज्यादा सोचते हैं और अपने दिमाग को नकारात्मक विचारों से भर देते हैं। इसमे हमें तनाव, चिंता और अवसाद जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। Overthinking का मतलब है उन अनावश्यक बातों के बारे में सोचना, जो आपके लिए आवश्यक नहीं है, और जो चीजें घटित नहीं हुई है उनके बारे में बार-बार सोचना और अपने लिए मुश्किलें खड़ी कर लेना। यह एक ऐसी आदत है जो हमारे मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकती है और हमें अपने जीवन को सकारात्मक रूप से जीने से रोक सकती है।

एक सामान्य व्यक्ति और एक ओवर थिंकर व्यक्ति के बीच में एक बड़ा अंतर होता है-

जब एक सामान्य व्यक्ति के सामने कोई समस्या आती है, तो वह उसके बारे में सोचता है, समस्या का समाधान ढूंढता है और उस पर काम करता है। लेकिन एक ओवर थिंकर व्यक्ति केवल सोचता ही रहता है, वह समस्या के बारे में इतना ज्यादा सोचता है कि वह समस्या का समाधान नहीं ढूंढ पाता है और निर्णय नहीं ले पता है।

उदाहरण के लिए, यदि किसी व्यक्ति का फोन ट्रेन से गिर जाता है, तो एक सामान्य व्यक्ति समस्या का समाधान ढूंढेगा, जैसे कि अपने फोन के सिम कार्ड को बंद करवाना और अपने फोन के गुम होने की सूचना पुलिस में देना। लेकिन एक ओवर थिंकर व्यक्ति बहुत ही जल्द हाइपर हो जाएगा और सोचेगा कि क्या करूं, कैसे करूं, मेरे फोन में बहुत सारी जानकारी थी अब मैं क्या करूं मेरा फोन तो नीचे गिर गया, अब क्या होगा और बहुत सारे नकारात्मक विचारों को अपने दिमाग में लेकर आ जाएगा।

ओवरथिंकिंग के लक्षण- Overthinking symptoms

1. नकारात्मक विचारों का चलना।

2. नींद नहीं आना।

3. सिर दर्द होना।

4. निर्णय लेने में कठिनाई।

ओवरथिंकिंग के क्या कारण हैं- what is the reason of overthinking

1. अनावश्यक बातों की चिंता करना।

2. भविष्य की चिंता करना।

3. आत्मविश्वास की कमी।

4. काम का तनाव।

5. क्षमता से अधिक काम लेना।

Overthinking se kaise bache

Overthinking se kaise bache?

1. नकारात्मक विचारों को सकारात्मक विचारों में बदले-

Overthinking से बचने के लिए नकारात्मक विचारों को सकारात्मक विचारों में बदलना बहुत जरूरी है। जब हम नकारात्मक विचारों को अपने दिमाग में आने देते हैं, तो हम Overthinking के जाल में फंस जाते हैं। लेकिन यदि हम नकारात्मक विचारों को सकारात्मक विचारों में बदलें, तो हम अपने दिमाग को शांत और तनाव मुक्त रख सकते हैं।

उदाहरण के लिए, यदि कोई बच्चा पढ़ाई को लेकर चिंतित होता है और सोचता है कि “मेरा पेपर कैसा होगा? यदि पेपर में कठिन प्रश्न आ गए तो मैं क्या करूँगा? मेरा रिजल्ट कैसा आएगा?”, तो ऐसा सोचने के बजाय वह सोच सकता है “कि मैने बहुत मेहनत करी है और मैं बहुत अच्छे से एग्जाम दूँगा। मेरा रिजल्ट बहुत अच्छा आएगा, क्योंकि मैंने बहुत मेहनत करी है।” ऐसा सोचने से वह अपने दिमाग को शांत और तनाव मुक्त रख सकता है और Overthinking से बच सकता है।

  • सकारात्मक विचारों को विस्तार से जानने के लिए यहां – क्लिक करें

2. चिंता नहीं चिंतन करें-

Overthinking से बचने के लिए, चिंता नहीं चिंतन करें। जब आप किसी समस्या को लेकर चिंतित हो, तो उसे एक कागज पर लिखे और समस्या से संबंधित सारी जानकारी इकट्ठा करें। समस्या का समाधान ढूंढने की कोशिश करें।

यदि समस्या का कोई हल नहीं है और आप उस पर सोचने से कुछ हासिल नहीं कर सकते हैं, तो उस समस्या के बारे में सोचना बंद करें। इससे आपको राहत मिलेगी और आप Overthinking से बचेंगे। यह तरीका आपको अपने दिमाग को शांत और तनाव मुक्त रखने में मदद करेगा और आपको अपने जीवन को सकारात्मक रूप से जीने में मदद करेगा।

3. वर्तमान में जिए-

वर्तमान में जीना Overthinking से बचने का एक सरल उपाय है। जब आप वर्तमान में जीते हैं, तो आप अपने दिमाग में आने वाले नकारात्मक विचारों से दूर रहते हैं। आप अपने आसपास की चीजों पर ध्यान केंद्रित करते हैं और अपने वर्तमान का आनंद लेते हैं।

उदाहरण के लिए- यदि आप फोन चला रहे हैं, तो केवल फोन पर ध्यान दे। यदि आप खाना खा रहे हैं, तो केवल अपने खाने पर ध्यान दीजिए। यदि आप सीढ़ियां चढ़ रहे हैं, तो केवल सीढ़ीयों पर ध्यान दें। इससे आपका ध्यान वर्तमान में होने वाली चीजों पर रहेगा और आप नकारात्मक विचारों से दूर रहेंगे। वर्तमान में जीने से आप Overthinking से बचेंगे और तनाव मुक्त रहेंगे।

Overthinking से कैसे बचे

4. खाली ना बैठे-

खाली न बैठना Overthinking से बचने का एक प्रभावी तरीका है। जब आप खाली बैठते हैं, तो आपके दिमाग में नकारात्मक विचार आने लगते हैं और आप उन विचारों के जाल में फंस जाते हैं। लेकिन यदि आप अपने लक्ष्य निर्धारित करके उस पर काम करने लग जाते हैं, तो आप अपना पूरा ध्यान अपने लक्ष्य पर केंद्रित कर सकते हैं और उसे पूरा करने में लग जाते हैं।

इससे आप Overthinking से बचते हैं और आपके दिमाग में नकारात्मक विचार नहीं आते हैं। इसके बजाय, आपके दिमाग में अपने लक्ष्य को पूरा करने के लिए सकारात्मक और उत्साहजनक विचार आते हैं। इसलिए, खाली न बैठें और अपने लिए एक लक्ष्य निर्धारित करके उसे पूरा करने में लग जाएं। इससे आप न केवल Overthinking से बचेंगे, बल्कि अपने जीवन में सफल भी होंगे।

5. म्यूजिक और मेडिटेशन-

Overthinking से बचने के लिए म्यूजिक और मेडिटेशन एक बहुत ही प्रभावी तरीका है। जब आप मेडिटेशन करते हैं, तो आपका ध्यान एक जगह केंद्रित होता है और आपके दिमाग से नकारात्मक विचार दूर हो जाते हैं। इससे आप सकारात्मकता की ओर आकर्षित होते हैं और आपका मन शांत होता है।

इसी तरह, म्यूजिक सुनने से आपका मन शांत होता है, आपको खुशी मिलती है और आपको अच्छा महसूस होता है। म्यूजिक और मेडिटेशन के अभ्यास से आप अपने दिमाग को शांत और तनाव मुक्त रख सकते हैं।

इस प्रकार आपने सरल शब्दों में जाना कि Overthinking se kaise bache।

एक ही बात का बार-बार दिमाग में आना क्या है ?

किसी चीज का बार-बार दिमाग में आना Overthinking है Overthinking के कारण ही कोई विचार या बात आपके दिमाग में बार-बार आती है और आपको परेशान करती है। यह कई कारणों से हो सकता है, जैसे कि:

• अनसुलझी समस्याएं

जब कोई समस्या आपके दिमाग में रहती है और आप उसका समाधान नहीं ढूंढ पाते हैं।

• चिंता और तनाव

जब आप किसी चीज को लेकर चिंतित या तनावग्रस्त होते हैं।

• ओवर थिंकिंग

जब आप किसी चीज के बारे में ज्यादा सोचते हैं और उसे अपने दिमाग से निकाल नहीं पातें हैं।

इस प्रकार, किसी चीज का बार-बार दिमाग में आना एक आम समस्या है जिसका समाधान आप अपने दिमाग को शांत करने और सकारात्मक विचारों पर ध्यान केंद्रित करके कर सकते हैं।

ज्यादा सोचने से शरीर पर क्या असर पड़ता है?

ज्यादा सोचने से शरीर पर कई तरह के असर पड़ सकते हैं। जब आप ज्यादा सोचते हैं, तो आपके शरीर में कई तरह की समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।

मानसिक प्रभाव-

ज्यादा सोचने से आपके मानसिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। इससे आपको तनाव, चिंता और डिप्रेशन जैसी समस्याएं हो सकती है। आप पूरे दिन तनावग्रस्त रह सकते हो और आपका जीवन बर्बाद हो सकता है।

शारीरिक प्रभाव-

ज्यादा सोचने से आपके शारीरिक स्वास्थ्य पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। इससे आपको सर दर्द, थकान और कमजोरी जैसे समस्याएं हो सकती है। आपका ध्यान केंद्रित करने की क्षमता भी कम हो सकती है और आप अपने काम को पूरा नहीं कर पाते हैं।

संबंधों पर प्रभाव-

ज्यादा सोचने से आपके संबंधों पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। आप चिड़चिड़े और गुस्सैल हो सकते है और आपके परिवार और मित्रों के साथ आपके संबंध खराब हो सकते है।

Overthinking se kaise bache

ज्यादा सोचने से भूत वर्तमान भविष्य क्या खराब होता है?

ज्यादा सोचने से वर्तमान और भविष्य दोनों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है, लेकिन सबसे ज्यादा असर वर्तमान पर पड़ता है। जब हम वर्तमान में खुश होना चाहते हैं, लेकिन ज्यादा सोचते है और चिंतित रहते हैं, तो हम अपनी खुशी को भुला देते हैं और अपना सारा ध्यान सोचने में लगा देते हैं। इससे हमारा वर्तमान खराब हो जाता है। भविष्य पर भी इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है, लेकिन वर्तमान पर इसका असर सबसे ज्यादा होता है।

ओवरथिंकर लोग कैसे होते हैं?

जो व्यक्ति ओवरथिंकिंग करता है, वह हर बात को ज़रूरत से ज्यादा सोचने की आदत रखता है। एक छोटा-सा विचार उसके मन में आता है और वह उसे बार-बार सोचता रहता है, जिससे उसका पूरा दिन इस सोच में बीत जाता है। ऐसे व्यक्ति हर समय परेशान और थके हुए नज़र आते हैं, क्योंकि उनका मन कभी शांत नहीं रहता। धीरे-धीरे उन्हें किसी भी काम में रुचि नहीं रहती और उनके चेहरे पर उदासी और तनाव साफ झलकता है।

सबसे बड़ी बात यह है कि ओवरथिंकिंग लोग सकारात्मक परिस्थितियों में भी नकारात्मक पहलू खोज लेते हैं। चाहे आप इन्हें कितना भी पॉजिटिव माहौल देने की कोशिश करें, वे फिर भी चिताओं में उलझे रहते और अपनी सोच से खुद को दुखी करते रहते हैं।

Overthinking quotes-

  • “Thoughts are like clouds, they come and go. Let them pass.”
  • “Don’t think too much, just live in the moment.”
  • Overthinking is the thief of happiness.Let go and live.
  • “your thoughts don’t define you, your actions do.”
  • “simplify your thoughts, Simplify your life.”
  • “Don’t let your thoughts control you, you Control your thoughts.”
  • “Think less, live more.”
  • “Your mind is powerful, use it wisely.”
  • “Let go of the past,  Don’t think about the future. live in the present.”
  • “You are not your thoughts, you are more than that.”

निष्कर्ष-

Overthinking se kaise bache? यह एक बहुत ही महत्वपूर्ण प्रश्न है जिसका उत्तर जानने से आपको शांति मिलेगी और आप अपने जीवन में आगे बढ़ेंगे। जब आपको परिणामों के बारे में जानकारी नहीं होती है, तो आप उन पर बहुत ज्यादा सोच विचार करके Overthinking का शिकार हो जाते हैं। इससे आपके मानसिक स्वास्थ्य पर बहुत बुरा प्रभाव पड़ता है, इसलिए Overthinking करने से बचे और अपने दिमाग से नकारात्मक विचारों को दूर करें। इसके बजाय, सकारात्मक विचारों पर ध्यान केंद्रित करें और अपने जीवन को शांत और तनाव मुक्त बनाएं।

FAQ:

प्रश्न 1. रात में ओवरथिंकिंग को कैसे रोकें?

उत्तर.  रात में ओवरथिंकिंग को रोकने के लिए आप अपने दिन को एनालाइज करें, दिन में जो भी अच्छी चीज हुई है उन्हें याद करें और उनके लिए धन्यवाद करें।

प्रश्न 2. ओवरथिंकिंग के लिए घरेलू उपचार क्या है ?

उत्तर ओवरथिंकिंग के लिए घरेलू उपचारों में मेडिटेशन, योग और व्यायाम शामिल है।

प्रश्न 3. किसी की कही हुई बात के बारे में सोचना कैसे बंद करें?

उत्तर. किसी की कही हुई बात को सोचना बंद करने के लिए आप अपना पसंदीदा संगीत सुन लें या फिर टीवी देखें या फिर जो भी काम आपको बहुत अच्छा लगता है उसे करें।

हमें विश्वास है कि, इस आर्टिकल के माध्यम से आपको समझ आया होगा कि Overthinking se kaise bache।

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