नमस्ते दोस्तों, क्या आप जानते हैं कि आप इस ब्रह्मांड से बात कर सकते हैं? आप इस ब्रह्मांड से अपने जीवन में मनचाही हर चीज मांग सकते हैं। ऐसा माना जाता है कि ब्रह्मांड हमारी सोच और भावनाओं को समझता है और उसी के अनुसार हमें परिस्थितियाँ और अवसर प्रदान करता है।
हम सभी जानते हैं कि हमारी सोच एक प्रकार की ऊर्जा है और यह ऊर्जा एक विशेष वाइब्रेशन फ्रीक्वेंसी पर काम करती है। जब हम अपनी सोच को सही दिशा में ले जाते हैं और उसे ब्रह्मांड की ऊर्जा से जोड़ना सीख जाते हैं, तो हमारे और Universe के बीच एक गहरा कनेक्शन बन जाता है।
जब व्यक्ति एक बार यूनिवर्स की शक्ति को महसूस करना सीख लेता है और उसके साथ अपना संबंध स्थापित कर लेता है, तो उसकी इच्छाओं को पूरा होने से कोई नहीं रोक सकता। सही सोच, सही भावना और Universe पर विश्वास – ये तीनों मिलकर व्यक्ति को अपनी इच्छाओं के और भी करीब ले जाते हैं।
आज के इस लेख में हम विस्तार से जानेंगे कि ब्रह्मांड से बात कैसे करें, उससे कैसे कनेक्ट करें और अपनी इच्छाओं को पूरा करने के लिए Universe तक अपना संदेश कैसे पहुंचाएं।

ब्रह्मांड कौन है। Who is Universe?
Universe को केवल तारों और ग्रहों का समूह नहीं माना जाता, बल्कि इसे एक अदृश्य और सार्वभौमिक शक्ति के रूप में देखा जाता है। हमारी सोच, भावनाएँ और ऊर्जा जैसी होती है, Universe उसी के अनुरूप हमारे जीवन में परिस्थितियाँ उत्पन्न करता है।
यदि हमारी सोच और भावनाएँ नकारात्मक होती है, तो वैसी ही परिस्थितयाँ जीवन में आती है, और यदि वे सकारात्मक होती है, तो परिस्थितियों भी अनुकूल बनने लगती है।
आकर्षण के सिद्धांत में हम इसे यूनिवर्स या ब्रह्मांड कहते हैं, लेकिन अलग-अलग धर्मो में इस सबसे बड़ी शक्ति को अलग-अलग नामो से जाना जाता है। हिंदू धर्म में इसे भगवान कहा जाता और मुस्लिम धर्म में अल्लाह। इस प्रकार Universe को हर धर्म में एक सर्वोच्च शक्ति के रूप में माना जाता है।
ब्रह्मांड से बात कैसे करें।How to talk with Universe
1. ब्रह्म मुहूर्त में उठना
Universe से जुड़ने और उसकी शक्ति को महसूस करने के लिए ब्रह्म-मुहूर्त का समय सबसे उपयुक्त माना जाता है। सुबह 3 से 5 बजे के बीच का समय इसलिए विशेष माना जाता है क्योंकि उस समय नकारात्मक शक्तियाँ सोई हुयी होती है और ब्रह्मांड में एक अद्भुत सकारात्मक ऊर्जा फैली होती है।
इस समय का वातावरण शांत और पवित्र होता है, जो आपको ब्रह्मांड की शक्ति को महसूस करने, उससे जुड़ने और आपके संदेशों को Universe तक पहुंचाने में मदद करता है। इसलिए यूनिवर्स से जुड़ने के लिए इस समय उठना बहुत जरूरी माना जाता है।
2. अपनी इच्छा को विजुलाइज(Visualize) करें
जब आप ब्रह्म मुहूर्त में उठ जाए, तो उसके बाद अपनी इच्छा को स्पष्ट रूप से विजुलाइज करें। जो भी आप भगवान या Universe से मांगना चाहते हैं, उसे पहले अपने मन में साफ और स्पष्ट रूप से देखिए। आपके इंटेंशन जितनी क्लियर होगी, विजुलाइजेशन उतना ही प्रभावी होगा।
विजुलाइज करने का अर्थ है अपनी इच्छा की मानसिक तस्वीर बनाना। उसकी कल्पना कीजिए, उसे अपने मन में एक इमेज की तरह देखें और ऐसा महसूस कीजिए जैसे वह पहले से ही आपकी हो। आप चाहे तो अपनी इच्छा को लिख सकते हैं या प्रेजेंट टेंस में सकारात्मक एफर्मेशन भी बोल सकते हैं।
उदाहरण के लिए यदि आप अपने लिए एक स्मार्टफोन जैसे आईफोन चाहते, तो उसकी स्पष्ट तस्वीर अपने मन में बनाइए। उसकी इमेज देखिए, कल्पना कीजिए कि वह आपके हाथ में है और आप उसे खुशी के साथ उपयोग कर रहे हैं। स्वयं को उस स्थिति में महसूस कीजिए, जैसे आपकी इच्छा पहले ही पूरी हो चुकी है।
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3. डाउट ना करें और Universe पर भरोसा रखें
जब आप अपनी इच्छा को अच्छे से विजुलाइज कर ले, तो उसके बाद उस पर बिल्कुल भी डाउट ना करें कि वह पूरी होगी या नहीं। अपनी इच्छा को पूरी तरह ब्रह्मांड पर छोड़ दीजिए और मन में किसी भी प्रकार का संदेह न रखें।
एक बार विजुलाइज(Visualize) करने के बाद पूरे दिन सकारात्मक ऊर्जा में रहने की कोशिश करें। सकारात्मक शब्दों का उपयोग करें और नकारात्मक सोच से दूरी बनाए रखें। अपनी इच्छा को बार-बार लेकर चिंता करने के बजाय उसे Universe के भरोसे छोड़ दीजिए और विश्वास रखें की वह समय पर आपके जीवन में प्रकट होगी।
4. शिद्दत और कंसिस्टेंसी के साथ मांगे
जब आप Universe पर पूरा भरोसा कर लेते हैं, तो अपनी इच्छा को पूरी शिद्दत के साथ मांगे। इस टाले नहीं और यह न सोचे कि “आज कर लिया तो काफी है, मिलना होगा तो मिल जाएगा।” अपनी इच्छा के लिए नियमित रूप से प्रयास करते रहे।
रोजाना अपनी affirmation दोहराए और उसी एक इच्छा पर केंद्रित रहे। जब तक आपकी इच्छा पूरी ना हो जाए, तब तक उसे मांगते रहे। यूनिवर्स सही समय पर आपकी इच्छा को जरूर पूरा करता है, बशर्त है कि आपकी भावना सच्ची और समर्पित हो।
इस दौरान अपनी एफर्मेशंस और विजुलाइजेशन को बार-बार ना बदले। जो तरीका आपने चुना है, उसी को कंसिस्टेंसी के साथ रोजाना अपनाते रहे।
5. ग्रेटीट्यूड (आभार व्यक्त करे)
Universe से बात करने का सबसे शक्तिशाली और प्रभावी तरीका आभार व्यक्त करना। जो भी चीज आप चाहते हैं, उसके लिए पहले से ही Universe का धन्यवाद करें, जैसे वह इच्छा पूरी हो चुकी हो।
कृतज्ञता(Gratitude) का एक और रुप यह भी है कि जो कुछ भी आपके पास वर्तमान में है, उसके लिए भी आभारी रहे। जब आप अपने वर्तमान जीवन के लिए धन्यवाद करते है, तो ब्रह्मांड को यह संकेत मिलता है कि आप मिली हुई चीजों की कदर करते हैं और उनके योग्य है।

इस भावना के साथ आभार व्यक्त करने से ब्रह्मांड(Universe) आपके जीवन में अच्छी चीज़ों को और तेज़ी से लाने लगता है।
जब आप सच में ब्रह्मांड से जुड़ने लगते हैं, तो आपके जीवन में कुछ विशेष संकेत दिखाई देने लगता है। यह संकेत बताते हैं कि आपकी ऊर्जा और आपकी इच्छा ब्रह्मांड तक पहुंच रही है।
सबसे पहले, आपकी परिस्थितियाँ धीरे-धीरे आपकी इच्छा के अनुरूप बनने लगती है। जिन चीज़ों की आपने कामना की है, उनसे जुड़े अवसर, लोग और परस्थितियाँ आपके जीवन में आने लगती है।
आप स्वयं को पहले से अधिक ऊर्जावान और सकारात्मक महसूस करेंगे। आपका ध्यान नकारात्मकता से हटकर अच्छी और प्रेरणादायक चीज़ो पर जाने लगेगा। प्रकृति के प्रति प्रेम बढ़ेगा और आपके भीतर विनम्रता और कृतज्ञता(Gratitude) की भावना विकसित होगी।
कभी-कभी आपको बार-बार कुछ विशेष संकेत दिखाई दे सकते है, जैसे एंजल नंबर या बार-बार एक ही प्रकार की संख्याएँ देखना। साथ ही, आप अपने भीतर एक अलग सी शांति, विश्वास और सकारात्मक ऊर्जा महसूस करेंगे।
यह सभी संकेत इस बात की ओर इशारा करते हैं कि आप ब्रह्मांड की ऊर्जा के साथ तालमेल में आ रहे हैं और आपकी इच्छाएँ प्रकट होने की दिशा में बढ़ रही है।
ब्रह्मांड से माफी कैसे मांगे। How to say Sorry to Universe?
ब्रह्मांड(Universe) से माफी मांगने के लिए सबसे पहले अपनी गलती को स्वीकार करना आवश्यक है जिस बात के लिए आप क्षमा चाहते हैं उसे ईमानदारी से स्वीकार करें और सच्चे दिल से ब्रह्मांड से माफी मांगे। आप स्पष्ट शब्दों में कह सकते हैं – यूनिवर्स, मुझे मेरी गलती के लिए क्षमा कीजिए।”
सिर्फ शब्दों में माफी मांगना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि अपने मन में भी उस गलती के लिए पश्चाताप महसूस करें। स्वयं से और ब्रह्मांड से यह वचन ले कि भविष्य में वही गलती दोबारा नहीं दोहराएंगे।
इसके बाद उस गलती को सुधारने की दिशा में कदम बढ़ाएं। जब आप सच्चे मन से माफी मांगते है और सुधार का प्रयास करते हैं, तो ब्रह्मांड आपको मार्ग दिखाता है और आगे बढ़ने का अवसर देता है।

निष्कर्ष- ब्रह्मांड से बात कैसे करें
ब्रह्मांड से बात करने का मतलब केवल दिन की शुरुआत में सकारात्मक शब्द बोलना, विजुलाइज करना या affirmation कहना ही नहीं है। असली मायने यह रखते हैं कि उसके बाद आप पूरे दिन कैसे सोचते है और कैसे कर्म करते हैं।
आप जो चाहते है, उसके अनुसार आपका व्यवहार और आपके कर्म भी उसी दिशा में होने चाहिए। केवल अच्छे शब्द बोलना काफी नहीं है, बल्कि दूसरों के लिए भी अच्छा सोचना, किसी के प्रति बुरा भाव ना रखना और अपने विचारों को सकारात्मक बनाए रखना जरूरी है।
आपकी सोच भी आपके कर्मों का ही एक रूप है। यदि आप अपनी इच्छा के अनुरूप कर्म करते रहते हैं और इसे कंसिस्टेंसी के साथ अपनाते है, तो ब्रह्मांड आपकी ऊर्जा को समझता है। सिर्फ तकनीक अपनाना पर्याप्त नहीं होता उसके साथ सही सोच और सही कर्म भी जरूरी होते हैं। यही सही तरीका है ब्राह्मांड से जुड़ने और उससे बात करने का।
FAQ:
प्रश्न 1. क्या हम ब्रह्मांड से बात कर सकते हैं?
उतर. हाँ, आप ब्रह्मांड से अपनी सोच और भावनाओं के माध्यम से बात कर सकते हैं।
प्रश्न 2. ब्रह्मांड में कौन सी ध्वनि सुनाई देती है?
उत्तर. ब्रह्मांड में ॐ (ओम) ध्वनि सुनाई देती है।
हमें विश्वास है कि आपको इस आर्टिकल के माध्यम से समझ आया होगा कि ब्रह्मांड से बात कैसे करें, धन्यवाद।