प्रोडक्टिविटी क्या है: जाने 5 तरीके अपने काम को स्मार्ट बनने के

नमस्ते दोस्तों, प्रोडक्टिविटी क्या है? आपने अपने आसपास- चाहे रिश्तेदार हो या दोस्त – ज़रूर ऐसे लोग देखे होंगे जो बहुत कम मेहनत करते हैं, कम समय देते हैं, फिर भी उन्हें शानदार परिणाम मिल जाते हैं। वहीं दूसरी तरफ आप पूरे दिन मेहनत करते हैं, घंटों समय देते हैं, पैसे भी खर्च करते हैं, लेकिन फिर भी वैसा आउटपुट नहीं मिल पाता जिसकी आप उम्मीद करते हैं।

अब सवाल यह उठता है कि ऐसा क्यों होता है? क्या वह लोग आपसे ज्यादा स्मार्ट है? या किस्मत उनका ज्यादा साथ देती है?

असल में इसके पीछे सबसे बड़ा कारण है उत्पादकता की कमी, यानी प्रोडक्टिविटी की कमी। फर्क मेहनत का नहीं, बल्कि काम करने के तरीके का है। जो लोग कम समय में बेहतर परिणाम लाते हैं, वह मेहनती नहीं बल्कि प्रोडक्टिव होते हैं। जबकि ज्यादा समय लगाने के बावजूद अगर सही आउटपुट नहीं मिल रहा, तो इसका मतलब है कि काम प्रोडक्टिव तरीके से नहीं हो रहा।

इसलिए आज इस आर्टिकल में हम विस्तार से जानेंगे कि प्रोडक्टिविटी क्या है, प्रोडक्टिव होना क्यों ज़रूरी है और प्रोडक्टिव कैसे बने

प्रोडक्टिविटी क्या है

प्रोडक्टिविटी क्या है।what is productivity in work

प्रोडक्टिविटी का अर्थ होता है उत्पादकता। प्रोडक्टिविटी क्या है, इसे सरल शब्दों में समझे तो इसका मतलब है कि आपके पास मौजूद संसाधनों- जैसे समय, मेहनत और पैसा का उपयोग करके आप कितना बेहतर आउटपुट या परिणाम निकाल पा रहे हैं। यानी आप जो भी संसाधन लगाते हैं, उसके बदले में आपको  कितना परिणाम मिल रहा है, यही आपकी प्रोडक्टिविटी को दर्शाता है। अगर कम संसाधनों का सही उपयोग करके आपको ज्यादा परिणाम मिलते हैं, तो इसका मतलब है कि आप ज्यादा प्रोडक्टिव है। लेकिन अगर आपके पास समय, मेहनत और साधन सब कुछ होने के बावजूद भी अपेक्षित परिणाम नहीं मिल रहे, तो इसका अर्थ है कि आपका काम प्रोडक्टिव तरीके से नहीं हो रहा।

इसे एक उदाहरण से समझते हैं-

मान लीजिए दो दोस्त है। पहला दोस्त किसी एक चैप्टर को पढ़ने और समझने में डेढ़ घंटे का समय लेता है, जबकि दूसरा दोस्त उसी चैप्टर को पढ़ने में 3 घंटे लगा देता है। यहाँ पहला दोस्त ज्यादा प्रोडक्टिव है, क्योंकि उसने कम समय में वही काम पूरा कर दिया, जबकि दूसरा दोस्त कम प्रोडक्टिव है क्योंकि उसे वही परिणाम पाने में ज्यादा समय लगा।

प्रोडक्टिव कैसे बने।how to become productive everyday

1.To-Do लिस्ट बनाएं

प्रोडक्टिव बनने के लिए सबसे पहला और जरूरी कदम है रात को सोने से पहले अपनी TO-Do लिस्ट तैयार करना। इसमें उन सभी कामों को लिख ले जो आपको अगले दिन पूरे करने हैं। जब आपके पास पहले से एक स्पष्ट लिस्ट होती है, तो दिन की शुरुआत में ही यह सोचकर समय बर्बाद नहीं होता कि “अब क्या करना है?”

TO-DO लिस्ट आपको एक सही दिशा देती है और ध्यान भटकाने से बचाती है। इससे आप बिना कन्फ्यूजन के एक-एक काम पर फोकस कर पाते हैं और अपना समय ज्यादा प्रभावी तरीके से इस्तेमाल कर पाते हैं। यही आदत आपको धीरे-धीरे ज्यादा प्रोडक्टिव बनाती है।

2. सुबह जल्दी उठे

उत्पादकता बढ़ाने के लिए सुबह जल्दी उठना बहुत जरूरी है। कहा जाता है कि आपको सूरज के साथ नहीं, बल्कि सूरज से पहले उठना चाहिए, यानी सूरज आपको न जगाए बल्कि आप सूरज को जगाने वाले बने। जब आप सुबह जल्दी उठते हैं, तो आपको बाकी लोगों के मुकाबले एक-दो घंटे अतिरिक्त समय मिल जाता है। यही एक्स्ट्रा समय आपको दूसरों से आगे बढ़ने का मौका देता है। जबकि बाकी लोग सो रहे होते हैं, तब आप अपना काम सही तरीके से कर पाते हैं, जिससे आपकी प्रोडक्टिविटी अपने आप बढ़ जाती है।

प्रोडक्टिविटी क्या है

3. Education on wheel अपनाएं

Education on wheel का मतलब है सफर के समय को सिखने में बदलना। अक्सर ट्रैफिक या आने-जाने में हमारा काफी समय बेकार चला जाता है, खासकर जब हम कार या बस में होते हैं। अगर आप इस समय को यूँ ही बर्बाद करने के बजाय वैल्युएबल बना ले तो आपकी प्रोडक्टिविटी अपने आप बढ़ सकती है।

सफर के दौरान आप ऑडियो बुक्स या अपने Mentor को सुन सकते हैं, पॉडकास्ट या किसी उपयोगी कंटेंट की ऑडियो सुन सकते है। इससे आप रोज कुछ नया सीखते हैं जो आगे चलकर आपके काम भी आता है। इस तरह खाली समय भी सीखने का अवसर बन जाता है और आप ज्यादा प्रोडक्टिव बनते हैं।

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4. सबसे ज़रूरी काम पहले करें

सुबह उठते ही अपने दिन के सबसे ज़रूरी काम को सबसे पहले करें। ऐसा ना करें कि जो काम आसान है या कम समय में हो जाता है, उसी से शुरुआत कर ले, क्योंकि इससे प्रोडक्टिविटी कम हो जाती है। सबसे अहम और Top Priority वाला काम पहले करने से मन हल्का रहता है और फॉकस बना रहता है। इसके बाद जब आप छोटे और आसान काम करते हैं, तो वे भी बिना बोझ के अच्छे से हो जाते हैं और  दिन भर काम करने की एनर्जी बनी रहती है।

5.अपना वर्क एरिया साफ रखें

जिस जगह आप काम करते हैं- चाहे वह टेबल हो या कोई स्पेस- वह बिल्कुल साफ और व्यवस्थित होनी चाहिए। अगर आपका वर्क एरिया गंदा या अस्त-व्यस्त रहेगा, तो आपका ध्यान बार-बार भटकेगा और काम में मन नहीं लगेगा। साफ-सुथरा माहौल न सिर्फ आपको अच्छा महसूस कराता है, बल्कि पॉजिटिव एनर्जी भी देता है। इसलिए बेहतर फॉकस और ज्यादा प्रोडक्टिविटी के लिए अपने वर्क एरिया को हमेशा क्लीन रखें।

कौन सी तकनीक उत्पादकता को बढ़ाती है।Pomodoro productivity technique

एक बहुत प्रभावी तकनीक है पोमोडोरो तकनीक(Pomodoro Productivity Technique)। इसमें आप लगातार 25 मिनट तक काम करते हैं और फिर 5 मिनट का छोटा ब्रेक लेते हैं। इस तकनीक से आप अपने काम में फोकस बनाए रख सकते हैं और थकान को भी कम कर सकते हैं। हर ब्रेक के बाद आप नई ऊर्जा और उत्साह के साथ काम शुरू कर सकते हैं। अगर इसे नियमित अपनाया जाए, तो आपकी प्रोडक्टिविटी कई गुना बढ़ सकती है।

प्रोडक्टिविटी क्या है

प्रोडक्टिविटी कैसे निकालते हैं।How to find productivity

अगर आप जानना चाहते हैं कि प्रोडक्टिविटी कैसे मापी जाती है, तो इसे इस तरह समझे: सबसे पहले देखे कि आपने कितना इनपुट दिया, जैसे समय, मेहनत और पैसा। इसके बदले में आपको कितना आउटपुट या परिणाम मिला। अब कुल आउटपुट को कुल इनपुट से डिवाइड करें, जो आपको नंबर मिलेगा वही आपकी प्रोडक्टिविटी होगी।

सरल शब्दों में:

प्रोडक्टिविटी  = आउटपुट ÷ इनपुट

इससे आप यह जान सकते हैं कि आपके द्वारा लगाए गए मेहनत और संसाधनों के मुकाबले आपको कितना परिणाम मिला और आप कितने प्रोडक्टिव है।

उत्पादक बने रहने का उदाहरण कौन-सा है।What is an example of productivity

उत्पादक बने रहने के लिए सबसे महत्वपूर्ण चीज है स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित करना। जब आपके पास साफ और निश्चित लक्ष्य होता है, तभी आप अपने काम पर सही तरीके से फोकस कर पाते हैं। बिना लक्ष्य के आप काम शुरू भी नहीं कर पाएंगे, और अगर लक्ष्य अस्पष्ट होगा तो आप इधर-उधर भटकते रहेंगे, जिससे काम पूरा होने में ज्यादा समय लगेगा। इसलिए, उत्पादक बने रहने के लिए हमेशा स्पष्ट और मापने योग्य लक्ष्य तय करना जरूरी है, ताकि आप अपने समय और संसाधनों का सही इस्तेमाल कर सके।

निष्कर्ष

प्रोडक्टिविटी क्या है समझने मात्र से आप प्रोडक्टिव नहीं बन सकते। उत्पादक बनने के लिए आपको हर समय छोटे-छोटे कदम उठाने होंगे। जो कुछ भी आप सीखते हैं, उसे तुरंत अपने डायरी या फोन में फोल्डर में लिख ले। अपनी लर्निंग को समय-समय पर रिवाइज करें और अपने तय किए गए गोल्स के परिणाम चेक करते रहे कि आपको कितना हासिल हुआ और कितना नहीं।

इस तरह नियमित रूप से अपने काम और उसके आउटपुट पर ध्यान देने से आप जान पाएंगे कि आपका वर्क वास्तव में प्रोडक्टिव है या नहीं।

छोटे-छोटे कदम और लगातार मूल्यांकन आपकी प्रोडक्टिविटी को लगातार बढ़ाते हैं और आपको अपने लक्ष्य तक पहुँचने में मदद करते हैं।

प्रोडक्टिविटी क्या है

FAQ:

प्रश्न 1. घर से काम करते समय अपनी उत्पादकता कैसे बढ़ाएं?

उत्तर. घर पर काम करते समय आपको ऐसा ध्यान रखना है कि आप जहाँ काम कर रहे हो वहाँ पर कोई भी Distraction वाली चीजे न हो। जैसे कि आपका मोबाइल फोन, म्यूजिक सिस्टम, टीवी या ऐसे कोई डिवाइस जो आपको Distract करते हो।

प्रश्न 2. 1 दिन में कितने घंटे पढ़ना चाहिए?

उत्तर. 1 दिन में आपको अपनी क्षमता के अनुसार पढ़ना चाहिए अगर आपकी क्षमता 2 घंटा हो तो 2 घंटा पढ़ लीजिए और इससे भी ज्यादा हो तो आप उसके अनुसार पढ़ सकते हैं।

प्रश्न 3. उत्पादक कौशल के उदाहरण क्या है?

उत्तर.  उत्पादक कौशल के उदाहरण है – समय प्रबंधन, समय पर सही निर्णय लेना, समस्या समाधान।

हमें विश्वास है कि, इस आर्टिकल के माध्यम से आपको समझ आया होगा कि प्रोडक्टिविटी क्या है और प्रोडक्टिव कैसे बने।

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