“राधे राधे दोस्तों !” कलयुग में आत्म जागृति का समय आ गया है। समय आ गया है अपने भीतर की अपार शक्तियों को जागृत करने और कलयुग में परमात्मा से मिलन का। आप सोच रहे होंगे कि यह कैसे हो सकता है ? तो आपने कई महात्माओं और लोगों के मुँह से एक चीज के बारे में जरूर सुना होगा, वह है नाम जाप। क्या आप जानते हैं कि राधा नाम जाप के सिर्फ 5 मिनट रोज करने से आपका जीवन पूरी तरह बदल सकता है ?
अब नाम जाप क्या है, कैसे करते हैं, राधा नाम जाप क्या है और इसके क्या लाभ है ? नाम जाप कैसे हमारे मन, शरीर और आत्मा को प्रभावित करता है ? आज हम इसी विषय पर बात करेंगे। आइए, इस शक्तिशाली साधना के बारे में विस्तार से जानते हैं।

नाम जाप क्या है?
नाम जप बहुत सरल और शक्तिशाली है। यह एक आध्यात्मिक प्रक्रिया है जहाँ आप अपने सबसे प्रिय और पूजनीय का नाम बार-बार दोहराते हैं – चाहे वह राधा हो, राम हो, शिव हो, या कृष्णा हो। आप अपने धर्म और विश्वास के अनुसार जिसे भी मानते हैं, उनका नाम ले सकते हैं। जैसे कि अगर आप हिंदू है तो आप “राम-राम” या “कृष्णा-कृष्णा” कह सकते हैं, या अगर आपका कोई और इष्ट है तो उनका नाम लें।
और इसके अलावा, आप महामृत्युंजय मंत्र, गायत्री मंत्र या हरे कृष्ण मंत्र जैसे शक्तिशाली मंत्रों का भी जप कर सकते हैं। ॐ का उच्चारण भी एक प्रभावी तरीका है। यह प्रक्रिया न केवल मन को शांत करती है, बल्कि आत्मा को भी गहराई से जोड़ती है।
महामृत्युंजय मंत्र
ॐ त्र्यंबकं यजामहे सुगंधिं पुष्टिवर्धनम्।
उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्।।
गायत्री मंत्र
ॐ भूर्भुव: स्व:।
तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो न: प्रचोदयात्।
हरे कृष्ण महामंत्र
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे,
हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे।
राधा नाम जाप
सबसे पहले, राधा भगवान श्री कृष्ण का एक स्त्री रूप है, और राधा-कृष्ण अलग नहीं है- वे केवल एक ही दिव्य जोड़ी के दो पहलू है। अगर आप कृष्ण को जल्दी प्रसन्न करना चाहते हैं और उनकी कृपा पाना चाहते हैं, तो राधा नाम जाप बहुत महत्वपूर्ण है। जब भी आप “राधा राधा” कहते हैं, तो कृष्ण की दृष्टि तुरंत आप पर पड़ती है। वह आपके पीछे दोड़े चले आते हैं और आपकी पुकार सुन लेते हैं, क्योंकि राधा उनका सबसे प्रिय नाम है।
तो राधा नाम जाप का अर्थ है बार-बार राधा का उच्चारण करना, जिससे आप कृष्ण को जल्दी और प्रभावी ढंग से प्रसन्न कर सकते हैं। और राधा नाम ही क्यों लेना है ? क्योंकि यह सीधे कृष्ण का ध्यान आपकी ओर आकर्षित करता है- यह एक शक्तिशाली और सीधा मार्ग है उनकी कृपा पाने का।

प्रेमानंद जी महाराज और राधा नाम जाप का प्रभाव।
प्रेमानंद जी महाराज एक प्रसिद्ध आध्यात्मिक गुरु है जो अपनी भक्ति और भगवान के प्रति समर्पण के लिए जाने जाते हैं। जब प्रेमानंद जी महाराज गंभीर रूप से बीमार हो गए थे, तो डॉक्टरों ने कहा था कि उनकी दोनों किडनी खराब हो गई है और उनके बचने की संभावना बहुत कम है। लेकिन, प्रेमानंद जी महाराज ने हार नहीं मानी और उन्होंने राधा नाम जप को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाए रखा। उन्होंने निरंतर “राधा-राधा” का जाप किया, जिससे उनकी आध्यात्मिक ऊर्जा बड़ी और उनके शरीर पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा।
राधा नाम जप के प्रभाव से, प्रेमानंद जी महाराज की स्थिति में धीरे-धीरे सुधार होने लगा। उनकी आस्था और भक्ति ने उन्हें इस कठिन समय में शक्ति दी, और आश्चर्यजनक रूप से, उनकी किडनी की स्थिति में सुधार हुआ। आज, प्रेमानंद जी महाराज स्वस्थ महसूस करते है और अपनी आध्यात्मिक यात्रा को जारी रखते हैं।
सबसे आश्चर्यजनक बात यह है कि उनकी किडनी फेल होने जैसी गंभीर स्थिति से गुजरने के बावजूद, प्रेमानंद जी महाराज की आवाज अत्यधिक प्रभावशाली और आकर्षक है, उनके चेहरे पर एक अद्वितीय तेज और प्रकाश है, और उनकी मुस्कुराहट में एक अलग सी छवि और सौंदर्य दिखाई देता है, जो सिर्फ और सिर्फ राधा नाम जप के निरंतर अभ्यास का परिणाम है।
राधा नाम जपने के फायदे
1. रुके हुए काम पूरे होते हैं –
जब आप राधा नाम जप करते हैं, तो आपकी रुकी हुई परियोजनाएँ, योजनाएँ और काम स्वतः ही पूरे होने लगते हैं, जिससे आपकी जीवन यात्रा सुगम और सफल बनती है।
2. शुद्धता का प्रसार –
राधा नाम जप आपके हृदय और मन मे शुद्धता का एक दिव्य प्रकाश फैलाता है, जिससे आपकी आत्मा निर्मल और पवित्र बन जाती है, और आप एक उच्च आध्यात्मिक स्तर पर पहुँचते हैं।
3. चिंता और परेशानी दूर होती है –
राधा नाम जप का जादुई प्रभाव आपके मन की चिताओं और परेशानियों को दूर करता है, जिससे आप मानसिक शांति और सुख का अनुभव करते हैं।
4. शांति की प्राप्ति –
यह नाम जाप आपको एक गहरी और स्थायी शांति प्रदान करता है, जो आपके जीवन के हर पहलू में सकारात्मकता और आनंद लाती है।
5. आंतरिक शक्ति मिलती है –
राधा नाम जप आपको एक अद्भुत आंतरिक शक्ति प्रदान करता है, जिससे आप जीवन की किसी भी चुनौती या संकट का सामना करने के लिए तैयार और सक्षम होते हैं।
6. गुरु कृपा की प्राप्ति –
इस नाम जप के माध्यम से, आप अपने गुरु की अनंत कृपा को आकर्षित कर सकते हैं, जो आपके जीवन को आध्यात्मिक मार्गदर्शन और उन्नति से भर देता है।
7. सुख, समृद्धि, विवेक, ज्ञान, शील और नीति की प्राप्ति –
गुरु कृपा के परिणाम स्वरुप, आपके जीवन में सुख, समृद्धि, विवेक, ज्ञान, शील और नीति जैसे दिव्य गुणों का आगमन होता है, जो आपको एक श्रेष्ठ और संतुलित जीवन जीने में मदद करते हैं।
8. श्री कृष्ण की कृपा –
राधा नाम जाप करने से श्री कृष्ण भगवान आपकी ओर विशेष रूप से आकर्षित होते हैं और अपनी अनंत कृपा आपके ऊपर बरसाते हैं, जिससे आपका जीवन प्रेम, आनंद और आध्यात्मिक उन्नति से भर जाता है।
9. सद्गति की प्राप्ति –
सबसे महत्वपूर्ण बात, राधा नाम जाप करने से आपको मरने के बाद सद्गति प्राप्त होती है, जिसका अर्थ है कि आपकी आत्मा मोक्ष प्राप्त कर लेती हैं और आप जन्म मरण के चक्र से मुक्त हो जाते हैं।
राधा रानी के नाम का जाप कैसे करें
नाम जप करने के तीन तरीके
1. वाचिक :
सबसे पहले, वाचिक तरीके में आपको करना है कि आप एक शांत और आरामदायक जगह पर बैठ जाएं। आंखें बंद कर लें और अपने इष्ट का नाम लेना शुरू करें, जैसे कि राधा-राधा या राम-राम। इस तरीके में, आप नाम लेते हैं और साथ ही साथ उस नाम को सुनते भी हैं। आपका पूरा ध्यान नाम पर होना चाहिए, और आपकी इंद्रियाँ पूर्ण रूप से नाम जप पर केंद्रित होनी चाहिए। यह पहला तरीका है जो बहुत प्रभावशाली है।
2. उपांशु :
दूसरा तरीका है उपांशु। इसमें भी आप एक शांत जगह पर आराम से बैठ जाए और आंखें बंद कर लें। यहाँ, आपको धीमी और फुसफुसाहट वाली आवाज में अपने इष्ट का नाम लेना है, जो केवल आपको ही सुनाई दें। साथ ही, आप अपने इष्ट का चित्र अपने दिमाग में बनाए, जैसे कि जब आप “राधा” बोलते हैं, तो राधा नाम का चित्र आपके मन में स्पष्ट होना चाहिए। यह तरीका भी बहुत प्रभावी है।
3. मानसिक :
तीसरा और अंतिम तरीका है मानसिक। इस तरीके में, आप अंदर ही अंदर, बिना जीभ और होठ को हिलाए, अपने मन मे अपने इष्ट का नाम जाप करते हैं। आप न तो बोलते हैं और न ही कोई आवाज निकालते हैं, बल्कि अपने मन मे नाम का उच्चारण करते हैं, उसे विजुलाइज करते हैं, और अंदर ही अंदर उस नाम को लिखते हैं। यह मानसिक तरीका बहुत ही शक्तिशाली और गहरा है।
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इसका अर्थ है कलयुग में भगवान के नाम का स्मरण ही एकमात्र सहारा है, भगवान के नाम का निरंतर स्मरण करने से मनुष्य जन्म-मृत्यु के बंधन से पार हो जाता है अर्थात मोक्ष प्राप्त करता है।
नाम जप के स्रोत और उपकरण:
• तुलसी माला :
आप तुलसी माला का उपयोग कर सकते हैं। जब आप तुलसी माला से नाम जाप करते हैं, तो एक सो आठ बार नाम लेने के बाद एक माला पूरी हो जाती हैं, और फिर आप दूसरी माला शुरू कर सकते हैं।
• चेंटिंग काउंटर :
इसके अलावा, आप चेंटिंग काउंटर या डिजिटल चेंटिंग काउंटर का भी उपयोग कर सकते हैं। यह उपकरण आपको नाम जाप की संख्या को गिनने में मदद करते हैं।
नाम जप कब करना चाहिए?
नाम जप करने के लिए कोई निश्चित समय नहीं है। आप नाम जाप कभी भी कर सकते हैं। लेकिन अगर आप नियमित और अनुशासित होकर नाम जप करना चाहते हैं, तो आप निम्नलिखित समय का पालन कर सकते हैं:
सुबह और शाम :
आप सुबह में 15 मिनट और शाम को 15 मिनट नाम जाप कर सकते हैं। यह नियमित अभ्यास आपके मन को शांत करने में मदद करेगा।
कहीं भी और कभी भी :
इसके अलावा, आप कभी भी नाम जाप कर सकते हैं। उदाहरण के लिए, जब आप काम कर रहे हो, तब आप अपने मन मे “राधा-राधा” का उच्चारण कर सकते हैं। इससे आपको बहुत फायदा होगा और आपको अच्छा महसूस होगा।
निरंतर नाम जाप करने से क्या होता है?
निरंतर नाम जाप करने से आपका शरीर पूरी तरह शुद्ध हो जाता है। आपके अंदर की नकारात्मक चीजें धीरे-धीरे खत्म होने लगती है। आप एक विनम्र और सकारात्मक व्यक्ति बन जाते हैं। जहाँ भी आप जाते हैं, चारों ओर सकारात्मक ऊर्जा फैलाते हैं। आपका औरा(aura) एक अद्वितीय और सकारात्मक ऊर्जा से भर जाता है, और आपके व्यक्तित्व में एक अनोखा सौंदर्य निखर कर आता है। जो निरंतर नाम जाप करने से यह अद्भुत बदलाव आपके जीवन में देखने को मिलते हैं।

क्या मैं बिना स्नान के मंत्र जाप कर सकता हूँ?
हाँ, आप बिना स्नान के नाम जाप कर सकते हैं। लेकिन अगर आप मंत्र जाप करना चाहते हैं, तो आमतौर पर स्नान करने के बाद करना ज्यादा प्रभावशाली माना जाता है। अगर आप नाम जाप भी स्नान करने के बाद करते हैं, तो यह बहुत ही ज्यादा प्रभावशाली होता है और आपको खुद भी बहुत अच्छा महसूस होता है। तो स्नान करने के बाद नाम जाप या मंत्र जाप करना एक अच्छा विकल्प है।
निष्कर्ष
राधा नाम जाप एक शक्तिशाली और प्रभावशाली आध्यात्मिक अभ्यास है जो हमारे मन को शांत करता है, आंतरिक शक्ति प्रदान करता है, और हमें परमात्मा से जोड़ता है। नियमित रूप से राधा नाम जाप करने से हम अपने जीवन में सुख, शांति और समृद्धि प्राप्त कर सकते हैं। यह एक सरल लेकिन गहरा तरीका है आत्म-साक्षात्कार और आध्यात्मिक उन्नति के लिए।
FAQ-
प्रश्न 1. कृष्ण की जगह राधे-राधे क्यों कहते हैं?
उत्तर. कृष्ण की जगह राधे-राधे कहते हैं क्योंकि हम कृष्ण को प्रसन्न करना चाहते हैं, और कृष्ण को प्रसन्न करने का एक प्रमुख तरीका राधे-राधे बोलना है, जो राधा की प्रेम भक्ति का प्रतीक है और इससे कृष्ण प्रसन्न होते हैं।
प्रश्न 2. सुबह-सुबह राधे- राधे बोलने से क्या होता है?
उत्तर. सुबह-सुबह राधे-राधे बोलने से घर में सकारात्मक ऊर्जा आती है और हम खुद भी आंतरिक शुद्धता और शांति का अनुभव करते हैं।
प्रश्न 3. जप करते समय क्या सोचना चाहिए?
उत्तर. जप करते समय आपको कुछ भी नहीं सोचना चाहिए। आपको बस आप जिस पूजनीय का नाम ले रहें है उन पर ध्यान लगाना है।
प्रश्न 4. राम नाम जप के लिए कौन सी माला का उपयोग करें?
उत्तर. नाम जप के लिए तुलसी माला को सर्वोत्तम माना गया है।
प्रश्न 5. रोज कितनी माला जपनी चाहिए?
उत्तर. माला जपने के लिए कोई निश्चित सीमा नहीं है, यह आप पर निर्भर करता है कि आप कितने मन और श्रद्धा से कितने समय तक नाम जाप कर सकते हैं। अगर आप दिन में 5 बार कर सकते हैं, तो आप 5 बार कीजिए लेकिन अगर आप सिर्फ एक बार कर सकते हैं, तो एक बार ही करिए।
हमें विश्वास है किस आर्टिकल के माध्यम से आपको नाम जाप के बारे में अच्छे से समझ आया होगा, धन्यवाद।
