ब्रह्म मुहूर्त का महत्व – जानिए 5 अद्भुत लाभ।

नमस्ते दोस्तों ! जैसे हर पूजा-पाठ और शुभ कार्यों के लिए एक विशेष मुहूर्त होता है, वैसे ही हमारे जागने का भी एक अद्भुत मुहूर्त है, जिसे कहते हैं ब्रह्म मुहूर्त। यह केवल सुबह का समय नहीं, बल्कि ब्रह्मांड का वह रहस्यमय क्षण है, जिसके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं। यही कारण है कि अधिकतर लोग सफलता और शांति से दूर रह जाते हैं। क्या आप जानते हैं कि दुनिया के लगभग सभी सफल लोग इस समय को अत्यधिक महत्व देते हैं ?

प्राचीन ऋषि-मुनि भी अपनी साधना और ध्यान के लिए हमेशा इसी समय को चुनते थे। आखिर ऐसा क्यों है ? ब्रह्म मुहूर्त में ऐसा कौन सा रहस्य छिपा है कि यह मनुष्य के जीवन को पूरी तरह बदल सकता है?

आज हम इन्हीं रहस्यों से पर्दा उठाएंगे और जानेंगे- ब्रह्म मुहूर्त का महत्व क्या है?

ब्रह्म मुहूर्त में उठाना क्यों जरूरी है ? यह समय हमारे जीवन को कैसे सफलता, स्वास्थ्य और शांति से भर सकता है ?

ब्रह्म मुहूर्त का महत्व

ब्रह्म मुहूर्त : वो सुनहरा समय जब ब्रह्मांड आपके सबसे निकट होता है

ब्रह्म मुहूर्त का महत्व वैदिक काल में लगभग 2300 साल पहले आचार्य चरक ने बताया था।

‘ब्रह्म’ का अर्थ है – ब्रह्मांड, परमात्मा या अनंत चेतना, और ‘मुहूर्त, का अर्थ है – समय।

इस प्रकार ब्रह्म मुहूर्त का अर्थ हुआ – ब्रह्मांड का समय, परमात्मा का समय या यूनिवर्स का समय।

ब्रह्म मुहूर्त एक सामान्य समय नहीं है, बल्कि एक डिवाइन पावर है जो आपके अंदर छिपी हुई सोई शक्तियों को जगाकर आपको ऊर्जा, उत्साह और सकारात्मकता से भर देती है।

सुबह का यह अद्भुत समय तब होता है जब पूरा वातावरण शांत होता है, ऊर्जा संतुलित होती है और आत्मा अपने सबसे शुद्ध रूप में होती है। इसी कारण इसे खुद की पहचान करने का सबसे श्रेष्ठ समय माना गया है।

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ब्रह्म मुहूर्त केवल एक समय नहीं है, बल्कि एक ऐसा कनेक्शन है जो आपको सीधे ब्रह्मांड की चेतना से जोड़ता है। इस कनेक्शन के जरिए मनुष्य अपने भीतर की दिव्यता को महसूस कर सकता है और ब्रह्मांड की शक्तियों से जुड़ सकता है।

ब्रह्म मुहूर्त का समय?

ब्रह्म मुहूर्त का समय रात्रि के अंतिम पहर में होता है और यह सूर्योदय से ठीक 1 घंटा 36 मिनट पहले शुरू होता है। इसका कुल समय लगभग 48 मिनट तक रहता है।

यह समय सूर्योदय के आधार पर बदलता रहता है।

उदाहरण के लिए-

यदि आपके शहर में सूर्योदय सुबह 6:00 बजे होता है, तो ब्रह्म मुहूर्त का समय होगा सुबह 4:24 से 5:12 तक।

यदि सूर्योदय सुबह 7:00 होता है, तो ब्रह्म मुहूर्त का समय होगा 5:24 से 6:12 तक।

यानी सरल शब्दों में कहे तो- सूर्योदय से लगभग डेढ़ घंटे पहले शुरू होकर सूर्योदय से 48 मिनट पहले तक का समय ही ब्रह्म मुहूर्त कहलाता है।

ब्रह्म मुहूर्त का महत्व-

1. शारीरिक और मानसिक लाभ

ब्रह्म मुहूर्त का सबसे बड़ा लाभ हमारे मस्तिष्क और मानसिक स्वास्थ्य को मिलता है। जब हम इस समय उठते हैं तो मस्तिष्क पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। हम दिनभर के कार्यों के लिए मानसिक रूप से तैयार हो जाते हैं। चिंता, तनाव और डिप्रेशन जैसी नकारात्मक स्थितियाँ धीरे-धीरे खत्म होने लगती है और मन अधिक मजबूत और स्थिर बनता है।

इसी प्रकार, यह समय हमारे शारीरिक स्वास्थ्य के लिए भी बेहद लाभकारी है। जब हम ब्रह्म मुहूर्त में योग, ध्यान प्राणायाम या व्यायाम करते हैं तो शरीर में नई ऊर्जा का संचार होता है। मांसपेशियाँ लचीली बनती है, रोग- प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है और शरीर अधिक मजबूत और सक्रिय महसूस करता है।

2. सौंदर्य और आयु में वृद्धि

ब्रह्म मुहूर्त में उठने का एक विशेष लाभ हमारे सौंदर्य और आयु पर भी पड़ता है। इस समय उठकर जब हम ताजी हवा में सांस लेते हैं, तो शरीर को भरपूर ऑक्सीजन मिलती है। इससे रक्त शुद्ध होता है, त्वचा पर स्वाभाविक निखार आता है और चेहरा चमकने लगता है। यही कारण है कि नियमित रूप से ब्रह्म मुहूर्त में जागने वाले लोगों का चेहरा आकर्षक और तेजस्वी दिखाई देता है।

साथ ही, ब्रह्म मुहूर्त का महत्व अलग-अलग प्रकार से है। जैसे- यह आदत हमारी आयु को भी लंबा और स्वस्थ बनाती है। समय पर जागने और दिन की शुरुआत सकारात्मक ऊर्जा से करने से रोग-प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है, शरीर लंबे समय तक स्वस्थ रहता है और बुढ़ापा जल्दी हमें छू नहीं पाता। यहां तक कि वृद्धावस्था में भी हम एक अद्भुत ऊर्जा और जीवन के साथ जीते हैं।

3. आत्मा और ब्रह्मांड का जुड़ाव

ब्रह्म मुहूर्त को ब्रह्मांड का सबसे शक्तिशाली समय माना गया है। इस समय उठने से हमारे और ब्रह्मांड के बीच एक अदृश्य ऊर्जा-संपर्क स्थापित होता है। हम सीधे ब्रह्मांड की चेतना से जुड़ पाते हैं और अपने भीतर की आवाज़ को सहजता से ब्रह्मांड तक पहुँचा सकते हैं। यही कारण है कि इस समय किए गए संकल्प और प्रार्थनाएँ अधिक प्रभावी मानी जाती है।

ब्रह्म मुहूर्त में जागने वाला व्यक्ति एक गहरी आंतरिक शांति और आध्यात्मिक संतुलन का अनुभव करता है। हिंदू धर्म के अनुसार इस समय देवताओं का विचरण होता है और उनकी दिव्य दृष्टि साधक पर पड़ती है। यही कारण है कि यह समय आत्मा और देवत्व के बीच जुड़ाव बनाने का सर्वोत्तम क्षण कहा जाता है। यह जुड़ाव न केवल आत्मा को शुद्ध करता है, बल्कि जीवन में दिव्यता और शांति का संचार भी करता है।

4. Aura मजबूत होता है

ब्रह्म मुहूर्त में उठने वाला व्यक्ति भीतर से और अधिक मजबूत और शुद्ध होता है। ऐसे लोग साधारण लोगों की तुलना में अधिक सक्रिय, ऊर्जावान और आकर्षक दिखाई देते हैं।

उनका Aura इतना प्रभावशाली होता है कि जब वे किसी भी भीड़ या सभा में प्रवेश करते हैं, तो उनके जाने मात्र से ही वहाँ का वातावरण बदल जाता है। माहौल में एक विशेष शांति, सकारात्मकता और ऊर्जा का संचार होने लगता है।

ब्रह्म मुहूर्त में जागने वाले लोग हर जगह दूसरों से अलग और विशिष्ट नज़र आते हैं। उनका आत्मविश्वास, आभा और तेज़स्विता,  सहजता ही लोगों को प्रभावित करती है। यही कारण है कि उनकी उपस्थिति मात्र से ही एक तरह की सकारात्मक ऊर्जा और संतुलन फैलता है।

ब्रह्म मुहूर्त का महत्व

5. समय की बचत

जब आप ब्रह्म मुहूर्त में उठते हैं, तो आपको दिन की शुरुआत दूसरों की तुलना में बहुत जल्दी करने का मौका मिलता है। इसका सीधा फायदा यह होता है कि आपके पास अपने महत्वपूर्ण कार्यों के लिए अतिरिक्त समय होता है।

इस अतिरिक्त समय का उपयोग आप अपनी नई-नई स्किल्स सीखने, परिवार के साथ गुणवत्तापूर्ण समय बिताने, या उन अन्य गतिविधियों में कर सकते हैं जो आपके व्यक्तिगत और पेशेवर विकास के लिए फायदेमंद है।

ब्रह्म मुहूर्त मेडिटेशन के लिए श्रेष्ठ समय क्यों है?

1. वातावरण की शुद्धता-

इस समय वायुमंडल में ऑक्सीजन का स्तर अधिक और प्रदूषण बेहद कम होता है।

चारों ओर शांति रहती है, जिससे मन को एकाग्र करना आसान हो जाता है।

2. मन की स्थिरता-

ब्रह्म मुहूर्त में नींद पूरी हो चुकी होती है, मन शांत और हल्का होता है।

अवचेतन मन गहरी अवस्था में सक्रिय रहता है, इसलिए ध्यान, जप और सकारात्मक विचार जल्दी असर करते हैं।

ब्रह्म मुहूर्त का महत्व

ब्रह्म मुहूर्त में पढ़ाई करने से क्या होता है?

ब्रह्म मुहूर्त का महत्व केवल ज्ञान और साधना के लिए नहीं बल्कि अध्ययन(Study) के लिए भी अत्यंत श्रेष्ठ समय माना जाता है। यदि कोई छात्र इस समय पढ़ाई करता है तो उसका मन अधिक स्थिर और शांत रहता है। वातावरण में शांति और ध्वनि प्रदूषण की कमी होने से एकाग्रता बढ़ती है, जिससे लंबे समय तक पड़ा हुआ विषय याद रहता है।

इस समय मस्तिष्क की ग्रहण करने की क्षमता (Grasping Power) सबसे अधिक सक्रिय होती है। नींद पूरी होने के बाद मन और शरीर दोनों तरो-तजा  रहते हैं, इसलिए कठिन से कठिन विषय भी आसानी से समझ में आते हैं।

धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टिकोण-

धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टिकोण से ब्रह्म मुहूर्त केवल एक धार्मिक या पारंपरिक समय नहीं है, न ही यह केवल ऋषि-मुनियों के लिए आरक्षित है। बल्कि यह एक Cosmic Science है- ब्रह्मांड और मानव शरीर-मन के बीच का गहरा संबंध। इस समय ब्रह्मांडीय ऊर्जा अत्यधिक संतुलित और शुद्ध होती है, जो हर व्यक्ति के जीवन पर सकारात्मक प्रभाव डालती है।

यह समय धर्म, जातियाँ पृष्ठभूमि की सीमाओं से परे है।  कोई भी व्यक्ति, चाहे वह किसी भी संस्कृति से जुड़ा हो, यदि ब्रह्म मुहूर्त में साधना,अध्ययन या ध्यान करता है, तो उसे मानसिक, शारीरिक और आध्यात्मिक लाभ जरूर प्राप्त होता है।

ब्रह्म मुहूर्त का महत्व

ब्रह्म मुहूर्त में क्या नहीं करना चाहिए?

• मोबाइल का उपयोग न करें-

ब्रह्म मुहूर्त में जागने के तुरंत बाद मोबाइल या सोशल मीडिया का उपयोग करना उचित नहीं है। इस समय आपका मस्तिष्क का अत्यंत कोमल और ग्रहणशील अवस्था में होता है। यदि आप नोटिफिकेशन या नकारात्मक सामग्री देखते हैं तो इसका गहरा प्रभाव सीधे आपके अवचेतन मन पर पड़ता है। और इससे आप ब्रह्म मुहूर्त के महत्व से वंचित रह जाएंगे।

• इस समय भोजन न करें-

ब्रह्म मुहूर्त में भोजन करना शरीर के लिए हानिकारक माना जाता है। इस समय पाचन तंत्र सक्रिय नहीं होता, इसलिए खाया गया भोजन ठीक से पच नहीं पाता और स्वास्थ्य पर विपरीत असर डाल सकता है।

• ध्यान के बाद फिर से न लेटे-

ब्रह्म मुहूर्त में ध्यान करने से आपके भीतर की ऊर्जा जागृत होती है। यदि ध्यान के बाद आप दोबारा लेट जाते हैं तो वह ऊर्जा नष्ट हो जाती है। इसलिए इस समय आलस्य से बचकर दिन की शुरुआत सकारात्मक कार्यों से करनी चाहिए।

ब्रह्म मुहूर्त में सफल लोग क्या करते हैं?

सफल लोग जानते हैं कि ब्रह्म मुहूर्त आत्मविकास का सबसे उत्तम समय है। इस समय वे अपने मन और शरीर दोनों को संतुलित करने पर ध्यान देते हैं। वे सबसे पहले ध्यान लगाकर अपने विचारों को शांत करते हैं और भीतर सकारात्मक ऊर्जा भरते हैं। अपने लक्ष्यों को स्पष्ट करते हैं। खुद के लिए एफर्मेशन (सकारात्मक वाक्य) दोहराते हैं और अपने Goal को Visualize करते हैं।

कुछ लोग इस समय हल्की कसरत या योग अभ्यास करते हैं ताकि शरीर सक्रिय और ऊर्जावान बने। सफल लोग इस समय को केवल अपने लिए रखते हैं- खुद को प्रेरित करने, मन को केंद्रित करने और अपनी इच्छाओं को साकार करने के लिए।

निष्कर्ष-

ब्रह्म मुहूर्त यह सिखाता है कि प्रकाश तक पहुँचने के लिए हमें अंधकार में जागना पड़ेगा। यह समय सिर्फ सुबह का एक क्षण नहीं बल्कि आत्मविकास, ऊर्जा और सफलता का अद्भुत अवसर है। ब्रह्म मुहूर्त में उठने से सौंदर्य, बुद्धि, विद्या स्वास्थ्य और मानसिक शांति की प्राप्ति होती है। ब्रह्म मुहूर्त इतना शक्तिशाली है कि यह हमें सफलता की सिढी तक पहुँचा सकता है। यही कारण है कि प्राचीन काल से लेकर आज तक ब्रह्म मुहूर्त का महत्व अत्यधिक माना गया है।

FAQ-

प्रश्न 1. ब्रह्म मुहूर्त में किसे नहीं जागना चाहिए?

उत्तर. ब्रह्म मुहूर्त में छोटे बच्चों, गर्भवती महिला, जिसे मानसिक और शारीरिक बीमारियाँ हो और वृद्धों को नहीं जागना चाहिए।

प्रश्न 2. ब्रह्म मुहूर्त में स्नान करने के लाभ क्या हैं?

उत्तर. ब्रह्म मुहूर्त में स्नान करने के कई लाभ है इससे मानसिक शांति मिलती है, सौंदर्य बढ़ता है, आत्मा शुद्ध होती है आदि।

प्रश्न 3. ब्रह्म मुहूर्त में उठने के लिए कितने बजे सोना चाहिए?

उत्तर. ब्रह्म मुहूर्त में उठने के लिए आपको 9:30 बजे तक सो जाना चाहिए, क्योंकि आपके लिए नींद भी जरूरी है। आपकी नींद की मात्रा पूरी होना चाहिए।

प्रश्न 4. छात्रों के लिए ब्रह्म मुहूर्त का समय क्या है?

उत्तर. ब्रह्म मुहूर्त का समय सभी के लिए एक ही होता है छात्रों के लिए अलग से कोई समय नहीं है।

प्रश्न 5. क्या ब्रह्म मुहूर्त में नींद खुलना शुभ होता है?

उत्तर. हाँ, अध्यात्म की दृष्टि से ब्रह्म मुहूर्त में मतलब कि अगर 3:00 से 5:00 के बीच आपकी नींद खुलती है तो यह बहुत ही शुभ माना जाता है।

हमें विश्वास है कि आपको इस आर्टिकल के माध्यम से समझ आया होगा कि ब्रह्म मुहूर्त का महत्व क्या है और ब्रह्म मुहूर्त का समय क्या है, धन्यवाद।

 

 

 

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