नमस्ते दोस्तों ! आप सभी ने अपने माता-पिता, बड़े बुजुर्गों और गुरुजनों से एक बहुत ही महत्वपूर्ण चीज के बारे में जरूर सुना ही होगा, और वह है संगत। अक्सर लोग संगत शब्द को सुनते ही एक अदृश्य छाया की तरह मान लेते हैं, जो सिर्फ अंधकार और नकारात्मकता की ओर संकेत करती है। लेकिन वास्तविकता में, संगत एक दो धारी तलवार की तरह है, जो अच्छे और बुरे दोनों रास्तों पर ले जा सकती है।
अगर हम अच्छे इंसानों के साथ रहते हैं, तो इसका मतलब है कि हम अच्छी संगत में हैं। अगर हम बुरे इंसानों के साथ रहते हैं, तो इसका मतलब है कि हम बुरी संगत में है, जिससे हमें सावधान रहना चाहिए। तो आज हम जानेंगे की बुरी संगत क्या है और बुरी संगत का असर हमारे जीवन पर कैसे पड़ता है।

संगत या संगति का अर्थ-
संगत या संगति का अर्थ उन व्यक्तियों के समूह से है जिनके साथ आप नियमित रूप से समय बिताते हैं, उठते, बैठते हैं, और अपने विचार, भावनाएं और अनुभव साझा करते हैं। यह आपके मित्र, समाज के लोग, रिश्तेदार और सहकर्मी हो सकते हैं।
सरल शब्दों में, संगत उन लोगों का समूह है जो आपके दैनिक जीवन में आपके आसपास होते हैं और जिनके साथ आप अपने विचारों और अनुभव का आदान-प्रदान करते हैं।
संगत दो प्रकार की होती है।
1. अच्छी संगत
अच्छी संगत का अर्थ है ऐसे लोगों के साथ रहना जो आपके अवगुणों को गुणों में परिवर्तित कर देते हैं और आपको अच्छे कर्म करने के लिए प्रेरित करते हैं। यह संगत आपको सकारात्मक दिशा में ले जाती है और आपके चरित्र को निखारती है।
अच्छी संगत के उदाहरण है : ज्ञानी और विद्वान लोगों के साथ रहना, सकारात्मक सोच वाले मित्रों के साथ रहना, धार्मिक और नैतिक मूल्यों वाले लोगों के साथ रहना और सफल और प्रेरित व्यक्तियों के साथ रहना।
2. बुरी संगत
बुरी संगत का अर्थ है ऐसे लोगों के साथ रहना जो आपके गुणों को अवगुणों में परिवर्तित कर देते हैं और गलत कार्यों में लगने के लिए प्रेरित करते है।
बुरी संगत के उदाहरण है : शराबी लोगों के साथ रहना, बेरोजगार और निराशाजनक मित्रों के साथ रहना, दुखी या बदकिस्मत लोगों के साथ रहना।
बुरी संगत का असर
बुरी संगत का असर हमारे जीवन पर बहुत गहरा पड़ता है। दोस्तों खाने में जहर मिला देने का का इलाज संभव हो सकता है, लेकिन कान में जहर मिला देने का इलाज लगभग असंभव है, इसलिए अच्छी संगत रखें। आपकी संगत ही आपका भविष्य तय करती है। अच्छी संगत आपकी जिंदगी को बना सकती है, जबकि बुरी संगत आपको गलत दिशा में ले जा सकती है।
बुरी संगति का क्या प्रभाव होता है :
विचारों में नकारात्मकता आती है
बुरी संगत आप पर बहुत ही गहरा प्रभाव डाल सकती है। जब आप बुरी संगत में रहते हैं या बुरे लोगों के साथ रहते हैं तो जब आप एक दूसरों से अपने विचार साझा करते हैं, तो आप पर उनके विचारों का प्रभाव पड़ता है और आपके विचार भी उन लोगों जैसे होने लगते हैं।
अगर आप एक अच्छे इंसान है और आपके विचार सकारात्मक है, लेकिन आप बुरे लोगों के साथ रहते हैं, तो धीरे-धीरे आपके विचार भी नकारात्मक होने लगते हैं और आप एक नकारात्मक इंसान बन जाते हैं।
व्यवहार में परिवर्तन
जब आप बुरी संगत में रहते हैं, तो आपके व्यवहार में धीरे-धीरे परिवर्तन आने लगता है। मान लीजिए, आप ऐसे लोगों के समूह में रहते हैं जहाँ नकारात्मकता फैली हुई है, जहाँ लोग केवल दूसरों की बुराई करते हैं, दूसरों का मजाक उड़ाते हैं, और हमेशा दूसरों से जलन करते हैं। इस तरह के माहौल में, आपकी सोच और व्यवहार भी बदलने लगता है।
आप इस नकारात्मक माहौल में इतना ढल जाते हैं कि आपकी बातचीत की सीमाएं भी वही तक रह जाती है- सिर्फ खाना, पीना और चिल करना। आगे बढ़ने या कुछ सकारात्मक करने की सोच लगभग खत्म हो जाती है। इसका आपके व्यवहार पर बहुत गहरा असर पड़ता है।
सफलता में बाधा
बुरी संगत आपकी सफलता के रास्ते में एक बड़ा रोड़ा बन सकती है। जब आप ऐसे लोगों के साथ रहते हैं जो बेरोजगार है, अपने काम को टालते हैं, आलसी हैं, और सफल लोगों की बुराई करते हैं, तो यह आपके लिए बहुत हानिकारक हो सकता है। ऐसे लोग कभी भी आगे बढ़ने की बात नहीं करते, बल्कि दूसरों की सफलता में खामियाँ निकालते हैं।
यदि आप सफल होना चाहते हैं और उनके सामने अपनी सफलता की बात करते हैं, तो वे आपका मजाक उड़ाते हैं और आपको डिमोटिवेट करते हैं। इससे न केवल आप खुद सफल नहीं हो पाते, बल्कि दूसरों को भी प्रेरित नहीं कर पाते।
समाज में महत्व कम होने लगता है
बुरी संगत के कारण समाज में आपका सम्मान और महत्व कम होने लगता है। जब आप ऐसे लोगों के साथ रहते हैं जो शराब पीते हैं या जिनकी बुरी आदतें हैं, तो समाज के लोग आपको भी वैसा ही समझने लगते हैं। भले ही आपकी आदतें अच्छी हों और आप शराब नहीं पीते हों, लेकिन ऐसी संगत में रहने से धीरे-धीरे आप खुद भी उनकी तरह बनने लगते हैं।
इससे न केवल आपका समाज में सम्मान घट जाता है, बल्कि आपको कोई महत्व भी नहीं देता। सबसे बुरी बात यह है कि आप समाज में एक खराब इंसान की तरह अपनी पहचान बना लेते हैं। लोग आपको नकारात्मक दृष्टि से देखने लगते हैं और आपके साथ जुड़ना पसंद नहीं करते।
आर्थिक स्थिति पर प्रभाव
बुरी संगत का असर आपकी आर्थिक स्थिति पर भी बहुत गहरा पड़ता है। जब आप बेरोजगार या नकारात्मक सोच वाले लोगों के साथ रहते हैं, तो आपका ध्यान अपने काम और व्यवसाय पर ठीक से नहीं केंद्रित हो पाता। उनके नकारात्मक विचार आपके दिमाग में चलते रहते हैं, जिससे आपका ध्यान एक जगह पर नहीं टिक पाता। आपके दिमाग में हजारों नकारात्मक विचार आते रहते हैं जो आपको आगे बढ़ने से रोकते हैं।
इस वजह से, आप अपने काम और व्यवसाय पर ध्यान नहीं दे पाते, जिससे आपकी आर्थिक स्थिति पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

बुरी संगत कहानी
यह कहानी “रामायण” से ली गई है और इसमें यह बहुत सुंदर तरीके से समझाया गया है कि बुरी संगत का असर कितना गहरा हो सकता है, चाहे व्यक्ति कितना भी बुद्धिमान, प्रेमपूर्ण या शक्तिशाली क्यों ना हो।
माता कैकई और मंथरा की कहानी – बुरी संगत का प्रभाव
बहुत समय पहले अयोध्या नगरी में राजा दशरथ राज्य करते थे। उनकी तीन रानियाँ थी- कौशल्या, सुमित्रा और कैकई। इनमें कैकई सबसे सुंदर और राजा की प्रिय रानी थी। राजा दशरथ ने एक बार युद्ध में कैकई को दो वरदान देने का वचन दिया था, जिन्हे कैकई ने उसी समय उनको संभाल कर रख लिया था।
राजा दशरथ के बड़े पुत्र थे – श्री राम, जो सभी के प्रिय थे और उनके गुणों के कारण कैकई भी राम से बहुत प्रेम करती थी। जब श्री राम के राज्याभिषेक की घोषणा हुई, तो पूरा अयोध्या हर्ष से झूम उठा।
मंथरा का आगमन और विष बोना
मंथरा कैकई की दासी थी। वह चालाक, इर्षालु और कुचाल चलने में निपुण थी। जब उसे पता चला कि राम राजा बनाए जा रहे हैं, तो वह बहुत क्रोधित हुई। उसने सोचा, “अगर राम राजा बन गए तो भरत (कैकई के पुत्र) का क्या होगा ? और मेरा क्या होगा ?”
वह भागती हुई कैकई के पास पहुंची और बोलने लगी : आप तो अनजान बनकर बैठे हों! क्या आपको नहीं दिख रहा है कि राम राजा बन रहे हैं, और आपके बेटे भरत को कुछ नहीं मिल रहा ?
कैकई ने कहा, “मंथरा! राम तो मेरे भी पुत्र हैं। मुझे राम के राजा बनने की खुशी है।”
मंथरा ने बात नहीं मानी। वह चालाकी से बोलती रही: आज तो तुम खुश हो, लेकिन जब कौशल्या ‘राजमाता’ बन जाएगी और राम राजा बनेंगे, तब तुम्हारा क्या होगा ? तुम एक सामान्य रानी बनाकर रह जाओगी। भरत को तो राम के सामने झुकना पड़ेगा। क्या यह तुम्हें मंजूर है ?
मंथरा ने धीरे-धीरे कैकई के मन में शक और लालच का बीज बो दिया। उसने याद दिलाया कि दशरथ ने दो वरदान दिए थे, और अब यही वह समय है उन्हें मांगने का।
कैकई का बदलता हृदय
मंथरा की बातों का असर कैकई पर इतना गहरा पड़ा कि उसका पूरा स्वभाव ही बदल गया। जो कैकई राम से प्रेम करती थी, वहीं अब राम को वनवास भेजने की योजना बनाने लगी। उसने राजा दशरथ से दो वरदान मांगे:
• भरत को राजा बनाया जाए।
• राम को 14 वर्ष के लिए वनवास भेजा जाए।
राजा दशरथ स्तब्ध रह गए, रो पड़े, गिड़गिड़ाए… लेकिन कैकई अपने फैसले पर अडिग रही – क्योंकि अब वह मंथरा के प्रभाव में आ चुकी थी।
राम का वनवास और बुरी संगत का फल
राम ने पिता की बात मानी और बिना किसी शिकायत के वन जाने को तैयार हो गए। अयोध्या में दुःख छा गया। दशरथ यह पीड़ा सह नही पाए और चल बसे।
भरत ने जब यह सब सुना, तो उन्होने माँ कैकई को धिक्कारा और राम को मनाने वन गए। पर राम ने वनवास का पालन किया।
सीख- बुरी संगत का प्रभाव
मंथरा ने कैकई के मन में ज़हर घोला, जो प्रेम से भरा हुआ था।
कैकई ने मंथरा की बातों पर आंख मूंद कर भरोसा किया, और राम जैसे महान पुरुष को वनवास जाना पड़ा।
एक बुरी सलाह, एक बुरी संगत – किसी भी व्यक्ति का जीवन, सोच और निर्णय को बदल सकती है।
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बुरी संगत को कैसे पहचाने?
• यदि आपके आसपास के लोग आपको आगे बढ़ने से रोकते हैं या नकारात्मक बातें करते हैं, तो समझ जाओ कि यह बुरी संगत है।
• यदि आप ऐसे लोगों के साथ हो जहाँ आपको कुछ नया नहीं सीखने को मिलता तो, यह भी बुरी संगत है।
• यदि आप किसी समूह में बहुत ज्यादा सहज और आरामदायक महसूस करते हो, तो सावधान! क्योंकि सफलता के लिए तो आपको अपने कम्फर्ट ज़ोन से बाहर निकलना होगा।
बुरी संगत से कैसे बचे?
1.अकेले रहना सीखे :
यदि आपको पता चलता है कि आप बुरी संगत में है, तो अकेले रहना सीखें। इससे आप बुरी संगत से दूरी बना सकते है और अपने विकास पर ध्यान केंद्रित कर सकते हैं।
2. इग्नोर करना सीखें :
बुरी संगत के लोगों को इग्नोर करना सीखें। अपने आप को अपने काम में व्यस्त रखें और उन लोगों के साथ समय बिताने से बचें।
3. भाव ना दे :
बुरी संगत के लोगों को भाव देना बंद करें। उनकी बातों को महत्व न दें और ऐसा दिखाएं कि आपको उनकी बातों में रुचि नहीं है।
4. म्यूट रहें :
यदि कोई नकारात्मक बातें कर रहा है या आपके सामने नकारात्मक शब्द बोल रहा है, तो चुपचाप रहें। एक कान से सुनें और दूसरे कान से निकाल दें।

बच्चों को बुरी संगत से कैसे बचाएं?
1. गलत दोस्तों से दूर रखें
अगर आपको लगता है कि आपके बच्चे के दोस्त सही नहीं है या वह गलत रास्ते पर जा रहा है, तो सबसे पहले उसे समझाने की कोशिश करें। केवल रोकना पर्याप्त नहीं है, बल्कि अपने बच्चें के साथ दोस्ताना व्यवहार करें ताकि वह आपकी बात खुले दिल से सुने। जब आप उसके अच्छे मित्र बनेंगे, तो वह खुद ही गलत साथ छोड़ने में सक्षम होगा।
2. फोन पर गलत चीजें देखने से रोकें
आजकल बच्चे मोबाइल में बहुत समय बिताते हैं, इसलिए ध्यान रखें कि वह किसी गलत चीज के संपर्क में न आएं। जब भी उन्हें फोन दें, तो अच्छी और प्रेरक वीडियो देखने के लिए प्रेरित करें। उदाहरण के लिए, छोटे बच्चों को कार्टून की जगह शैक्षिक वीडियो (ABCD, Numbers, moral stories) दिखाएं या हमारे शास्त्रों से प्रेरित कथाएं सुनाएं। इससे उनका मनोरंजन भी होगा और सिख भी मिलेगी।
3. अच्छी आदतों और पाठ की प्रेरणा दें
अपने बच्चों को रोजाना कुछ अच्छा पढ़ने या सुनने के लिए प्रेरित करें। जैसे- सुबह-सुबह अपने-अपने धर्म ग्रंथो के अनुसार पाठ करवाएं। यदि आप हिंदू है तो हनुमान चालीसा या सुंदरकांड का पाठ करवा सकते हैं। इससे उनका मन सकारात्मक रहेगा और वह बुरे कार्यों की ओर नहीं झुकेंगे।
निष्कर्ष
बुरी संगत का असर आपके जीवन पर बहुत गहरा हो सकता है। यह आपके लक्ष्यों, सपनों और विकास को कुचल सकता है। इसलिए, बुरी संगत से बचने के लिए आपको आत्मनिर्भर बनना, सकारात्मक वातावरण बनाना, स्वयं पर विश्वास रखना और आध्यात्मिक विकास पर ध्यान केंद्रित करना जैसे तरीकों को अपनाना होगा। इससे आप अपने जीवन को सकारात्मक दिशा में ले जा सकते है और अपने लक्ष्यों को हासिल कर सकते हैं।
FAQ-
प्रश्न 1. हमें किसकी संगति करनी चाहिए?
उत्तर. हमें हमेशा सकारात्मक और मोटिवेटेड लोगों की संगति करनी चाहिए।
प्रश्न 2. संगति को अंग्रेजी में क्या कहते हैं?
उत्तर. Company या Association!
प्रश्न 3. बुरी संगत का प्रभाव किस प्रकार के लोगों पर नहीं पड़ता है?
उत्तर . जो व्यक्ति आत्म-जागरूक होते हैं- वे सही और गलत की पहचान खुद कर लेते हैं।
जो अपने भविष्य को लेकर गंभीर और अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित होते हैं।
जिनकी सुबह की शुरुआत अच्छी आदतों से होती है जैसे- ध्यान, व्यायाम, पूजा-पाठ।
हमें विश्वास है कि, इस आर्टिकल के माध्यम से आपको बुरी संगति से बचने में मदद मिलेगी, धन्यवाद।